बिलासपुर: नगर निगम की जमीन पर हो गया कब्जा, कलेक्टर निरीक्षण में महापौर रामशरण यादव एवं आयुक्त अमित कुमार का निकम्मापन हुआ उजागर 

बिलासपुर : नगर निगम क्षेत्र की शासकीय जमीनों में हो रहे कब्जे के लिए सीधे महापौर और निगम कमिश्नर ही जिम्मेदार हैं; क्योंकि दोनों ही समय-समय पर अपने क्षेत्र की हर तरह की जानकारी संबंधित विभाग प्रमुखों से लेते रहते हैं. अगर इसके बाद भी निगम की जमीनों पर अवैध ढंग से कब्जा का हो गया  तो इनका संदेह के दायरे में आना लाजमी है.

आपको बता दें कि इस बात की पुष्टि कलेक्टर निरीक्षण से हुई है. कलेक्टर अवनीश शरण ने शहर के विभिन्न वार्डों का दौरा किया. उन्होंने शहर में नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए प्रस्तावित स्थलों का निरीक्षण किया. प्रमुख रूप से बृहस्पति बाजार में सब्जी मार्केट, जूना बिलासपुर में पशु चिकित्सा अस्पताल के एक हिस्से में लाइब्रेरी, अमेरी से तिफरा तक शहर प्रवेश के लिए वैकल्पिक सड़क चौड़ीकरण के साथ  गोकुल नगर का भी जायज़ा लिया. इस दौरान कलेक्टर को जानकारी हुई कि गोकुल नगर के विस्तार सहित अन्य शासकीय योजनाओं को मूर्त रूप देने के लिए नगर निगम को घुरू में ही लगभग 66 एकड़ जमीन शासन द्वारा आबंटित की गई है. इस जमीन के हिस्से में कुछ लोग संघटित रूप से कब्जा कर लिए हैं. इसके बाद कलेक्टर ने इस पर नाराज़गी व्यक्त करते हुए पूरी जमीन को कब्जा मुक्त करने के निर्देश निगम को दिए.

अब प्रश्न उठता है कि जब इस जमीन पर कब्जा हो रहा था तो कोटवार, जनप्रतिनिधि, राजस्व विभाग और निगम के जिम्मेदार मौन क्यों थे. इससे इनका संदेह के दायरे में आना लाजमी है. 

हमारा मानना है कि इस मामले में कलेक्टर की नाराजगी भर से ऐसे लोगों पर लगाम नहीं लगेगी. बल्कि  कब्जाधारियों एवं उनकों  सह देने वाले जिम्मेदारों को पकडकर उनपर कड़ा एक्शन लेते हुए उन्हें निलंबित कर देना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति नहीं होगी और शासकीय जमीन भी सुरक्षित रहेगी. 

  • Related Posts

    बुद्ध पूर्णिमा : प्राचीन प्रकाश, आधुनिक आवश्यकता और मनुष्य होने की शाश्वत चेतना

    ✍ डॉ. भूपेन्द्र धर दीवान, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ ( त्वचाविज्ञान आधारित बहु-बुद्धिमत्ता परीक्षण विशेषज्ञ एवं मानसिकमाप परामर्शदाता ) प्रस्तावना : एक तिथि, अनेक आलोक वैशाख मास की पूर्णिमा भारतीय सभ्यता में केवल खगोलीय पूर्णता का क्षण नहीं, बल्कि चेतना की पराकाष्ठा का प्रतीक है। परंपरागत दृष्टि के अनुसार इसी दिन गौतम बुद्ध का जन्म, बोधि-प्राप्ति और महापरिनिर्वाण-तीनों घटनाएँ एक ही आध्यात्मिक धारा में समाहित हो जाती हैं, जो मानव इतिहास को एक अद्वितीय दार्शनिक गहराई प्रदान करती हैं। ऋग्वेद की सार्वभौमिक दृष्टि उद्घोष करती है- “एकं सद्विप्रा…

    Continue reading
    रायगढ़: 11 साल की मिष्ठी ने मचाया धमाल — पहले ही प्रयास में भारत सरकार की राष्ट्रीय छात्रवृत्ति फतह!

    रायगढ़ घराने की चौथी पीढ़ी की चमक, 9 साल तक मिलेगी खास कथक तालीम रायगढ़ | कहते हैं हुनर उम्र का मोहताज नहीं होता… और इस कहावत को सच कर दिखाया है 11 साल की नन्ही कथक नृत्यांगना मिष्ठी वैष्णव ने। बेहद कठिन चयन प्रक्रिया को पहले ही प्रयास में पार करते हुए मिष्ठी ने भारत सरकार की राष्ट्रीय छात्रवृत्ति हासिल कर ली है — और वो भी ऐसी छात्रवृत्ति, जो देश के चुनिंदा प्रतिभाओं को ही नसीब होती है। यह चयन संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *