घंटे भर किया मोदी का गुणगान, स्वास्थ्य व्यवस्था और सिम्स घोटाले पर सवाल सुनते ही उड़े मंत्री श्याम बिहारी के होश; बीच में ही छोड़ी प्रेस वार्ता
बिलासपुर, 5 अक्टूबर 2026। होटल ग्रैंड अम्बा में सोमवार को आयोजित स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की पत्रकार वार्ता हंगामे की भेंट चढ़ गई। करीब एक घंटे तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों का गुणगान करने के बाद जब मीडिया ने राज्य की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, सिम्स (CIMS) के बहुचर्चित मशीन घोटाले और आयुष्मान कार्ड को लेकर तीखे सवाल दागे, तो मंत्री असहज हो गए। जनता से जुड़े इन संवेदनशील मुद्दों पर सीधे जवाब देने के बजाय मंत्री गोलमोल बातें करने लगे और अंततः पत्रकारों के कड़े विरोध के बीच प्रेस वार्ता को बीच में ही छोड़कर उठ गए।
घंटे भर मोदी गुणगान, जैसे ही आया ‘स्वास्थ्य’ का सवाल तो उड़ गए होश
प्रेस वार्ता की शुरुआत में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने करीब एक घंटे तक केंद्र की मोदी सरकार की योजनाओं का बखान किया। सवाल के दौरान एक पत्रकार ने साफ कहा कि मीडिया इन बातों को सालों से लिख रही है और जानती है, कृपया छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था पर बात करें।
इसके बाद जब पत्रकारों ने बिलासपुर के प्रतिष्ठित सिम्स (CIMS) अस्पताल में हुए मशीन घोटाले और निजी व सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड के करोड़ों रुपये के भुगतान अटके होने पर सवाल दागे, तो मंत्री के पास कोई ठोस जवाब नहीं था। उन्होंने सवालों को टालने (टरकाने) की कोशिश की। जब पत्रकारों ने सामूहिक रूप से कहा कि ये जनता से जुड़े मुद्दे हैं और इसका सीधा जवाब चाहिए, तो मंत्री जायसवाल अपनी जिम्मेदारी से बचते नजर आए।
बचाव में उतरे बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, मीडिया से हुई तीखी बहस
आयुष्मान कार्ड के गंभीर सवाल को लेकर जब पत्रकारों ने याद दिलाया कि इस गंभीर मुद्दे को खुद भाजपा के बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला कई बार उठा चुके हैं, तो मंच पर मौजूद विधायक शुक्ला खुद के बचाव में उतर आए। अपनी सफाई में विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा, “मैंने कभी विरोध या धरना-प्रदर्शन नहीं किया है। भाजपा कांग्रेसियों की तरह विरोध नहीं करती।”
इस पर मीडिया ने उन्हें तुरंत घेरा और कहा कि आपने धरना भले न दिया हो, लेकिन जनता की इस समस्या को विधानसभा और अन्य स्तरों पर प्रमुखता से उठाया तो है।
बिना जवाब दिए उठे मंत्री, पत्रकारों ने जताया कड़ा विरोध
सवालों के चक्रव्यूह में घिरे स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्थिति को बिगड़ता देख अचानक प्रेस वार्ता समाप्त करने का फैसला किया और बिना जवाब दिए ही मंच से उठकर चले गए। मंत्री के इस अड़ियल और गैर-जिम्मेदाराना रवैये से पत्रकार नाराज हो गए। बिलासपुर के पत्रकारों ने इस घटना का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता के सवालों का जवाब देना मंत्री की नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी है, जिससे वे इस तरह भाग नहीं सकते।
इस घटना के बाद शहर के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि अगर स्वास्थ्य विभाग में सब कुछ ठीक है, तो आखिर विभागीय मंत्री सिम्स और आयुष्मान के सवालों पर इतने असहज क्यों हो गए?