मोना पाठक बनीं सावन क्वीन, अनुभूति मरिहास और पुष्प रेखा रात्रि रहीं क्रमशः दूसरे-तीसरे स्थान पर; एक वर्ष तक डायलिसिस मरीज की मदद का क्लब ने लिया संकल्प
बिलासपुर। सावन की हरियाली, सोलह श्रृंगार की खूबसूरती, कजरी की मिठास और दोस्ती की आत्मीयता—इन सबका अनूठा संगम उस समय देखने को मिला, जब इनरव्हील क्लब बिलासपुर ने सावन उत्सव और अंतर्राष्ट्रीय मैत्री दिवस को उत्साह एवं गरिमामय अंदाज में मनाया। कार्यक्रम में जहां महिला सदस्यों ने अपनी प्रतिभा और सांस्कृतिक विरासत के रंग बिखेरे, वहीं उत्सव को समाजसेवा से जोड़ते हुए जरूरतमंद डायलिसिस मरीज के लिए एक वर्ष तक सहयोग का संकल्प लेकर संवेदनशीलता की मिसाल भी पेश की।
सोलह श्रृंगार में दिखा सावन का रंग
कार्यक्रम में क्लब की सदस्याएं पारंपरिक सावनी परिधान और सोलह श्रृंगार में नजर आईं। हरियाली, उमंग और पारंपरिक संस्कृति से सजे वातावरण ने पूरे आयोजन को उत्सवमय बना दिया।
सदस्यों ने सावन की मल्हार, कजरी, झूला गीत और कविताओं की प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। वहीं फ्रेंडशिप डे के अवसर पर दोस्ती पर आधारित गीतों और मनोरंजक गतिविधियों ने कार्यक्रम में आत्मीयता और उल्लास का रंग भर दिया।
किसके सिर सजा ‘सावन क्वीन’ का ताज?
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक पड़ाव रहा ‘सावन क्वीन’ प्रतियोगिता। प्रतिभागियों ने पारंपरिक वेशभूषा, आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और प्रतिभा के माध्यम से निर्णायकों को प्रभावित किया।
प्रतियोगिता में—
सावन क्वीन — श्रीमती मोना पाठक
द्वितीय — श्रीमती अनुभूति मरिहास
तृतीय — श्रीमती पुष्प रेखा रात्रि
विजेताओं को सम्मानित कर शुभकामनाएं दी गईं।
जब उत्सव से आगे बढ़ी दोस्ती—डायलिसिस मरीज के लिए एक साल का साथ
इस आयोजन की सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील पहल रही क्लब का सामाजिक सरोकार।
इनरव्हील परिवार ने एक जरूरतमंद डायलिसिस मरीज को एक वर्ष तक निरंतर सहयोग देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान मरीज को आर्थिक सहायता के साथ आवश्यक खाद्य सामग्री भी प्रदान की गई।
क्लब की यह पहल बताती है कि उत्सव केवल खुशियां बांटने का अवसर नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद के जीवन में उम्मीद और सहारा बनने का माध्यम भी हो सकता है।
अध्यक्ष डॉ. संगीता मनीष बनाफर ने दिया सेवा का संदेश
क्लब अध्यक्ष डॉ. संगीता मनीष बनाफर ने कहा कि इनरव्हील क्लब का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक एवं सामाजिक आयोजनों तक सीमित नहीं है। क्लब लगातार ऐसे प्रयास करता है, जिनमें भारतीय संस्कृति और उत्सवों की खुशियों के साथ जरूरतमंद एवं पीड़ित लोगों की सेवा भी जुड़ी हो।
उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाली सभी सदस्याओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
सावन की खुशियां, दोस्ती की गर्माहट और किसी जरूरतमंद के लिए एक साल का सहारा—इनरव्हील क्लब का यह आयोजन उत्सव से कहीं आगे बढ़कर सेवा और संवेदना का संदेश दे गया।







