‘प्रभा-फुट’ गुजरात के कृत्रिम पैर मिलेंगे, अन्य सहायक उपकरण भी होंगे उपलब्ध; पवन नालोटिया को मिली शिविर की जिम्मेदारी
बिलासपुर। किसी के लिए कृत्रिम पैर महज एक उपकरण हो सकता है, लेकिन किसी दिव्यांग के लिए यही उपकरण चलने, आत्मनिर्भर बनने और जिंदगी को नई दिशा देने का जरिया बन सकता है। इसी सोच के साथ बिलासपुर में दिव्यांगजनों के लिए पांच दिवसीय विशेष कृत्रिम हाथ-पैर एवं अन्य सहायक उपकरण वितरण शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद की विशेष बैठक तेलीपारा स्थित प्रदीप मेडिकल में आयोजित हुई। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार पाठक के मुख्य आतिथ्य तथा रोटरी क्लब के प्रतिनिधि और ‘कृत्रिम हाथ-पैर एवं अन्य उपकरण वितरण शिविर’ के संयोजक पवन नालोटिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री मदनमोहन अग्रवाल ने दिव्यांग महोत्सव के साथ बिलासपुर सहित अन्य स्थानों पर भी उपकरण वितरण शिविर आयोजित किए जाने का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से सहमति बनी और समाजसेवी पवन नालोटिया को शिविर के संचालन एवं क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई।
25 से 29 नवंबर तक चलेगा शिविर
बैठक की अध्यक्षता करते हुए पवन नालोटिया ने घोषणा की कि 25 से 29 नवंबर 2026 तक विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में गुजरात की संस्था ‘प्रभा-फुट’ द्वारा निर्मित कृत्रिम पैर सहित अन्य आवश्यक सहायक उपकरण दिव्यांगजनों को उपलब्ध कराने की योजना है।
रोटरी क्लब क्वीन की अध्यक्ष भारती शालूके ने भी इस सामाजिक पहल में सक्रिय सहयोग का आश्वासन दिया।
बारिश ने गिराई दीवार, परिषद ने उठाया पुनर्निर्माण का बीड़ा
बैठक में केवल आगामी शिविर ही नहीं, बल्कि संस्था के सेवा कार्यों से जुड़े एक महत्वपूर्ण निर्णय पर भी सहमति बनी। राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल ‘राजू’ ने बताया कि हाल में हुई मूसलाधार बारिश के कारण अस्पताल, अनुसंधान एवं निशुल्क सेवा केंद्र की बाउंड्री वॉल क्षतिग्रस्त होकर गिर गई थी। इसके पुनर्निर्माण का कार्य भी सर्वसम्मति से कराने का निर्णय लिया गया।
15 अगस्त से शुरू होगी कार्यक्रमों की कार्ययोजना
मुख्य अतिथि डॉ. विनय कुमार पाठक ने परिषद के इस वर्ष प्रस्तावित समग्र कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त से विभिन्न कार्यक्रमों की कार्ययोजना को चरणबद्ध तरीके से क्रियान्वित किया जाएगा।
यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि कृत्रिम अंग और सहायक उपकरणों की उपलब्धता कई दिव्यांगजनों के लिए केवल सुविधा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की पहली सीढ़ी साबित हो सकती है।
कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन संगठन मंत्री डी.पी. गुप्ता ने किया।
बैठक में नित्यानंद अग्रवाल, राजू सुल्तानिया, उमेश मुरारका, आर.के. अग्रवाल, श्रीमती कविता नालोटिया सहित परिषद एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
अब नजर नवंबर के शिविर पर
25 से 29 नवंबर तक प्रस्तावित यह शिविर बिलासपुर में दिव्यांगजनों के लिए एक महत्वपूर्ण सेवा पहल बन सकता है। खासतौर पर ऐसे जरूरतमंद लोगों के लिए, जिनके लिए कृत्रिम अंग की सुविधा उनके जीवन में फिर से चलने और अपने पैरों पर खड़े होने की उम्मीद लेकर आ सकती है।







