बिलासपुर में “गौ सम्मान आह्वान अभियान” के तहत एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जहां गौ सेवा, संरक्षण और गौ हत्या पूर्णतः बंद करने की मांग ने जोर पकड़ लिया। कार्यक्रम में सम्मान समारोह, विचार गोष्ठी, काव्य प्रस्तुति और हस्ताक्षर अभियान का संगम देखने को मिला।
बड़े नाम, बड़ा मंच
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महापौर पूजा विधानी मौजूद रहीं।
अध्यक्षता डाॅ विनय कुमार पाठक (पूर्व अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति, थावे विद्यापीठ, बिहार) ने की।
वहीं विशिष्ट अतिथियों में
- डाॅ रमेश चन्द्र श्रीवास्तव
- डाॅ विष्णु कुमार तिवारी
- राजेश सोनार
- ध्रुव देवांगन
- सुखेन्द्र श्रीवास्तव
शामिल रहे।
गीत, विचार और संकल्प
कार्यक्रम में राम निहोरा राजपूत, सुखेन्द्र श्रीवास्तव और राजेश सोनार ने गौ सेवा पर आधारित गीतों की संगीतमय प्रस्तुति देकर माहौल को भावनात्मक बना दिया।
– गौ सेवा और संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने पर राम निहोरा राजपूत का सम्मान किया गया।
– साथ ही अभियान के पंपलेट का विमोचन और वितरण भी किया गया।
“गौ सेवा हमारी संस्कृति की पहचान”
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डाॅ विनय कुमार पाठक ने कहा—
– गौ माता में सभी देवताओं का वास माना जाता है
– गौ सेवा और संरक्षण भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है
– इसे बढ़ावा देना हम सभी का कर्तव्य है
उन्होंने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग का समर्थन करते हुए खुद भी हस्ताक्षर किए।
हस्ताक्षर अभियान को मिला व्यापक समर्थन
कार्यक्रम में मौजूद सभी अतिथियों और नागरिकों ने
– इस अभियान का समर्थन किया
– और बढ़-चढ़कर हस्ताक्षर अभियान में भाग लिया
संदेश साफ
यह आयोजन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि
-गौ संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की पहल बनता दिखा
– जिसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी नजर आई
बिलासपुर में उठी यह आवाज अब सिर्फ स्थानीय नहीं रही—
– “गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने” और
– “गौ हत्या पूर्ण प्रतिबंध” की मांग
अब जनसमर्थन के साथ तेज होती नजर आ रही है।
बिलासपुर से उठी ‘गौ सम्मान’ की लहर—क्या अब देशभर में बनेगा बड़ा आंदोलन?















