बिलासपुर: “वोट चोर-गद्दी छोड़” कार्यक्रम की ग्राउंड रिपोर्ट में खाली कुर्सियों का सच, देवेन्द्र यादव, विजय केशरवानी और विजय पांडे की खुली पोल

मुंगेली नाका का मैदान जहाँ पाँच हजार की क्षमता में हजारों कुर्सियाँ सजी थीं “वोट चोर-गद्दी छोड़” सभा की हकीकत को बयान कर रही थीं। भीड़ जुटाने का दम भरने वाली कांग्रेस की हकीकत यह रही कि पीछे की अधिकांश कुर्सियाँ खाली पड़ी रहीं।

मंच पर बैठे दिग्गज नेताओं को देखकर शुरुआती पल में लगा कि कार्यक्रम में ऊर्जा दिखेगी, पर जैसे-जैसे वक्त बीतता गया, तस्वीर साफ होती गई—कार्यक्रम का आयोजन भीड़ से ज्यादा चेहरों पर केंद्रित था।

कार्यक्रम का समय 12 बजे तय था, लेकिन जब हमारी टीम 1:30 बजे पहुंची तो हालात बिल्कुल अलग थे। न भीड़ जुटी, न खाली कुर्सियाँ भरने की कोई कोशिश। मंच पर मौजूद नेताओं का पूरा ध्यान केवल सचिन पायलट की एंट्री पर था। सवाल यह है कि क्या कांग्रेस अब सिर्फ “स्टार चेहरे पर निर्भर रह गई है और जनता को जोड़ने का माद्दा खो चुकी है?

पुराने नेताओं की सोच और अव्यवस्था

कांग्रेस की सबसे बड़ी कमजोरी यही है कि पुराने नेता अब भी पार्टी की कमान छोड़ने को तैयार नहीं हैं। अव्यवस्था भी साफ झलकी पत्रकारों के लिए बनाई गई सीटों पर खुद कांग्रेसी काबिज थे। जब पार्टी खुद पत्रकारों का सम्मान नहीं कर पाती तो जनता से जुड़ाव की उम्मीद करना बेमानी है।

कांग्रेस नेताओं को यह समझना होगा कि युवा ही भविष्य हैं। यदि कांग्रेस उन्हें आगे नहीं बढ़ाएगी तो “वोट चोर” जैसे नारे और खाली कुर्सियाँ ही अगली तस्वीर होंगी।

 कांग्रेस को आत्ममंथन करना होगा मुंगेली नाका की सभा ने यह साफ कर दिया कि कांग्रेस को सिर्फ नारों और चेहरों के भरोसे
जीत नहीं मिलेगी। पार्टी को युवाओं को नेतृत्व सौंपना होगा, संगठनात्मक अनुशासन लाना होगा और जनता से सीधा संवाद करना होगा।अन्यथा, खाली कुर्सियों की यह तस्वीर आने वाले दिनों में कांग्रेस के भविष्य की सच्चाई बन सकती है।

  • Related Posts

    बिलासपुर बनेगा सुरों की राजधानी: 550 से अधिक कलाकारों के संग सजेगा ‘नाद मंजरी सीजन-3’, चार दिनों तक गूंजेगा संगीत का महाकुंभ

    बिलासपुर।छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरती पर एक बार फिर संगीत, कला और प्रतिभा का विराट संगम होने जा रहा है। न्यूज़ हब इनसाइट केयर फाउंडेशन (NHICF) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की संगीत प्रतियोगिता “नाद मंजरी सीजन-3” का भव्य चार दिवसीय आयोजन 26 से 29 जून तक कृषि महाविद्यालय ऑडिटोरियम, बिलासपुर में किया जाएगा। देशभर से आए 550 से अधिक कलाकार विभिन्न विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर मंच को सुर, ताल और लय के अद्भुत रंगों से सराबोर करेंगे। आयोजकों के अनुसार, नाद मंजरी अब केवल…

    Continue reading
    बिलासपुर: छठ घाट पर गूंजा एकता का संदेश: पाटलिपुत्र मंच की नई टीम ने ली शपथ, संस्कृति और सेवा का लिया संकल्प

    बिलासपुर। छठी मईया के जयघोष, अमृत वर्षा और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बीच रविवार की रात छठ घाट परिसर सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और संगठनात्मक ऊर्जा का केंद्र बन गया। पाटलिपुत्र सांस्कृतिक विकास मंच की नवगठित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में समाज, संस्कृति और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने नवगठित टीम को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाते हुए कहा कि “संस्कृति समाज को जोड़ने वाली सबसे बड़ी शक्ति है। जो समाज अपनी सांस्कृतिक जड़ों से…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *