बिलासपुर: बेजुबान की मौत और सिस्टम की सजगता

सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा एक बेजुबान के लिए त्वरित न्याय

बिलासपुर शहर की सड़कों पर बेसहारा पशु अकसर नज़र आते हैं। कई बार हम इन्हें नजरअंदाज़ कर देते हैं और कई बार ये सड़कों पर दुर्घटनाओं का कारण बन जाते हैं। लेकिन इस बार, एक बछड़े की मौत ने पुलिस प्रशासन को गंभीरता से सोचने पर मजबूर कर दिया।

 

10 जुलाई की शाम, नारियल कोठी रोड स्थित रानी लक्ष्मीबाई स्कूल के पास तेज रफ्तार हैरियर कार ने एक बछड़े को कुचल दिया। कार भाग निकली, बछड़ा वहीं तड़पकर दम तोड़ बैठा। यह महज एक दुर्घटना नहीं थी – यह एक सवाल था हमारी व्यवस्था, हमारी मानवीयता और कानून के प्रति हमारी जवाबदेही पर।

प्रार्थी मोहित यादव द्वारा की गई रिपोर्ट पर थाना सिटी कोतवाली ने तुरंत एक्शन लिया। FIR दर्ज हुई, CCTV खंगाले गए, और मुखबिरों के सहयोग से आरोपी जितेन्द्र कुशवाहा को चिह्नित कर गिरफ्तार किया गया। कार भी जप्त कर ली गई।

यह कार्यवाही दिखाती है कि पुलिस अब हर जीवन – चाहे वह मानव हो या पशु – को महत्व दे रही है। सीनियर अधिकारियों का मार्गदर्शन और जमीनी स्तर पर विवेक कुमार पाण्डेय जैसे थाना प्रभारी और उनकी टीम की सक्रियता प्रशंसा के योग्य है।

लेकिन सवाल यहीं खत्म नहीं होता।

  • क्या नगर निगम की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती कि सड़क पर घूमते पशुओं के लिए आश्रय बनाए?
  • क्या प्रशासन सिर्फ घटना होने के बाद ही सक्रिय होता रहेगा?
  • और सबसे अहम, क्या आम नागरिक की जिम्मेदारी नहीं बनती कि वह सावधानीपूर्वक वाहन चलाए?

यदि इन प्रश्नों के जवाब हम नहीं खोज पाए, तो अगली दुर्घटना फिर किसी बेजुबान की जान ले सकती है – या शायद किसी इंसान की।

 यह घटना एक चेतावनी है – सिर्फ पुलिस की नहीं, हम सबकी।

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