रतनपुर: कछुआ प्रकरण की जांच कछुआ चाल से आगे बढ़ती हुई

वरिष्ठ पत्रकार विकास मिश्रा की रिपोर्ट

शरीक ए जुर्म न होते तो मुखबिरी करते
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बिलासपुर: रतनपुर महामाया कुंड मेँ मिले लगभग दो दर्जन कछुओं की संदिग्ध मौत की वन विभाग द्वारा की जा रही जाँच की गति बेहद धीमी रफ्तार मेँ आगे बढ़ रही है।

रतनपुर वन विभाग के कर्मी दो दिनों पहले मंदिर ट्रस्ट के सी सी टीवी फुटेज को हासिल करने के बाद आज फिर से हार्ड डिस्क को जब्त करने मंदिर ट्रस्ट मेँ सुबह से शाम तक रुकी रही।

हार्ड डिस्क को अपनी कस्टडी मेँ लेने के बाद मंदिर प्रांगण पर जब रतनपुर वन विभाग के वन क्षेत्रपाल देव सिंह ठाकुर से हमनें कार्यवाही के विषय एवं इस प्रकरण की प्रगति के विषय मेँ जानना चाहा तो उन्होंने जाँच जारी है कह कर आगे बातचीत करने से मना कर दिया !

ज्ञात हो कि 25 मार्च की सुबह महामाया कुंड मेँ जाल मेँ फंस कर मृत कछुओं की मौत से समूचा रतनपुर स्तब्ध रह गया था, सी सी टीवी मेँ दिखने वाले संदिग्ध आरोपी भयमुक्त होकर घूम रहे है।

सूत्र बताते हैँ कि कुंड से मिले मृत कछुओं की मौत पोस्टमार्टम मेँ दम घुटने से एवं पोस्टमार्टम के 48 घंटे पूर्व बताया जा रहा हैँ वहीँ मंदिर ट्रस्ट द्वारा कुंड की सफाई करवाए जाने की बात कही गई है ऐसे मेँ पूरे घटना क्रम और कछुओं के मौत का समय और सी सी टीवी फुटेज मेँ दिखते बोरी मेँ भर कर ले जाते आरोपियों के बीच की कड़ियों को जोड़ कर सीधी कार्यवाही से बचते हुए वन विभाग नें अभी तक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट लिख कर कागज़ी घोड़े दौड़ने और बेहद धीमे तफ्तीश मेँ लिप्त दिखाई पड़ रही है!

ज्ञात हो कि बीते गुरुवार को वन विभाग के द्वारा तीन सुरक्षा कर्मी ओर दो सफाई कर्मियों का बयान लिया गया था जिससे कुछ अहम सुराग भी मिले थे मगर उनके दिए बयान पर भी पूछे जाने पर वन विभाग मौन है , आगे की कार्यवाही मेँ ठहराव साफ दिखाई पड़ रहा है जो जन मानस मेँ चर्चा का विषय बना हुआ है !

अनुत्तरीत सवाल

मंदिर ट्रस्ट क्या ये बताएगा कि क्या कुंड की सफाई वर्ष मेँ पड़ने वाले दोनों नवरात्री मेँ हर वर्ष करवाया जाता है?

अगर मंदिर ट्रस्ट कुंड के सफाई की बात पर सहमति जाहिर करता है तो कुंड की सफाई का कार्य के लिए रात्रि 12 से 3 का समय ही क्यों चुना गया? ये कार्य दिन मेँ क्यों नहीं किया गया?

कुंड मेँ सामन्य आँखों से इधर उधर तैरते दिखाई पड़ने वाले कछुओं की उपस्थिति के विषय मेँ मंदिर ट्रस्ट अनभिज्ञ था?

अगर उन्हें पता था तो इस संरक्षित जीव के बचाव की व्यवस्था कुंड के सफाई से पहले ट्रस्ट द्वारा सुनिश्चित क्यों नहीं की गई?

कछुओं की बहुतायत संख्या को देखते हुए भी कुंड की सफाई करने की जानकारी ट्रस्ट नें वन विभाग को क्यों नहीं दी गई ?

आज से छः साल पहले बूढा महादेव मंदिर कुंड की सफाई के दौरान मिले 50 किलो के कछुए को महामाया कुंड मेँ डाले जाने और एक सप्ताह के बाद भी लोग जागरूक नहीं हुए। मंदिर ट्रस्ट नें कुंड मेँ कछुआ डालने पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया?

कुल मिला कर नगर मेँ दो दर्जन से अधिक कछुओं की मौत पर लीपा पोती की आशंका की चर्चा ज़ोरो पर है, युवाओं मेँ आक्रोश देखा जा रहा है।रतनपुर की धार्मिक पहचान से जुड़े मंदिर कुंड मेँ निरीह कछुओं की मौत से जन आक्रोश फैलने के अंदेशे से इंकार नहीं किया जा सकता! माननीय हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के दखल के बाद भी इस घटना पर सुस्त प्रशासनिक कार्यवाही संदेह के घेरे मेँ है !

  • पंकज खण्डेलवाल

    Pankaj Khandelwal is the Founder & Principal Editor of News Hub Insight (NHI). He is an independent journalist with expertise in governance, education, public policy, civic issues and investigative reporting. His reporting is based on accuracy, public interest and responsible journalism. Every article published under his editorial supervision follows News Hub Insight's Editorial Policy, Fact Check Policy and Correction Policy.

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