बिलासपुर: तिफरा-सेक्टर डी मार्ग बंद करने पर नागरिकों ने कलेक्टर से की शिकायत, बिल्डर पर गंभीर आरोप

बिलासपुर: रायपुर रोड तिफरा से सेक्टर डी यदुनंदन नगर को जोड़ने वाली मुख्य सड़क को बार-बार खोदकर बाधित करने के मामले में आज यदुनंदन नगर, साईं विहार, विजय विहार और एसके परिसर के नागरिकों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। नागरिकों ने बिल्डर जायसवाल पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह इस 30 मीटर चौड़ी सड़क को अपनी निजी संपत्ति बताकर इसे अवरुद्ध कर रहे हैं, जिससे करीब 12,000 लोगों को भारी परेशानी हो रही है।

बिल्डर पर गंभीर आरोप
नागरिकों ने बताया कि 2003 में बिल्डर ने इस सड़क को 30 मीटर चौड़ा दिखाकर अपनी कॉलोनी का टी एंड सी (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग) अनुमोदन कराया था। लेकिन 2007 तक न सड़क बनी, न नाली, और न ही बिजली की कोई व्यवस्था की गई। इस लापरवाही पर टी एंड सी विभाग ने बिल्डर पर जुर्माना लगाया। 2014 में, शर्तें पूरी न करने पर बिल्डर के टी एंड सी प्रोजेक्ट को निरस्त कर दिया गया।

इसके बावजूद, बिल्डर अब उस 100 फुट के मार्ग को अपनी निजी संपत्ति बताते हुए अन्य कॉलोनीवासियों के लिए रास्ता बंद करने की कोशिश कर रहा है। यह वही सड़क है, जो मास्टर प्लान में 30 मीटर चौड़े मार्ग के रूप में दर्शाई गई है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी रुकावट
नागरिकों ने बताया कि 2023 में हाईकोर्ट के आदेश पर इस मार्ग का निर्माण करवाया गया था। इसके बावजूद, बिल्डर ने हाल ही में फिर से सड़क खोद दी, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग तिफरा के व्यस्त बस्ती क्षेत्र से बचने के लिए कॉलोनीवासियों के लिए एक वैकल्पिक रास्ता था, जिससे उन्हें ट्रैफिक जाम से राहत मिलती थी।

नागरिकों की मांग
कॉलोनीवासियों ने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि यह मार्ग टी एंड सी के नक्शे में 30 मीटर चौड़ा मार्ग दिखाया गया है और इसे मास्टर प्लान में भी शामिल किया गया है। नागरिकों ने मांग की है कि बिल्डर की मनमानी पर तुरंत रोक लगाई जाए और इस सड़क को सुचारू रूप से चालू रखा जाए।

कलेक्टर से कार्रवाई की अपील
कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में नागरिकों ने अनुरोध किया कि इस मामले में शीघ्र कार्रवाई की जाए और बिल्डर की ओर से की जा रही अवैध गतिविधियों को रोका जाए। उन्होंने कहा कि यह मार्ग सार्वजनिक संपत्ति है, जिसका इस्तेमाल हजारों लोग वर्षों से कर रहे हैं।

इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र के नागरिकों में गहरा रोष है और उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

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