बिलासपुर: मामा भांजा तालाब को भी भू-माफियाओं के कब्जे से मुक्त कराए कलेक्टर- उज्वला कराड़े

बिलासपुर। गोकने नाले पर अवैध कब्जों को लेकर सोमवार को समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने नगर निगम के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने नगर निगम कमिश्नर को सख्त निर्देश दिए हैं कि दो दिन के भीतर सभी अवैध कब्जों को हटाया जाए। कलेक्टर ने हाल ही में नाले का दौरा किया था और अवैध कब्जों को देखा था, जिससे वे काफी नाराज हुए थे।

कलेक्टर के इस कदम को शहर के नागरिकों ने सराहा है, लेकिन इसके साथ ही आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। पूर्व विधानसभा प्रत्याशी डॉ. उज्वला कराड़े ने एक बयान जारी करते हुए राज्य सरकार को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि भू-माफियाओं को सरकार का संरक्षण प्राप्त है और सरकार के लोग ही जगह-जगह जमीन पर अवैध कब्जे कर रहे हैं।

डॉ. कराड़े ने कहा, “सरकार के लिए कोई नियम कानून नहीं है।  सुप्रीम कोर्ट ने भी प्राकृतिक धरोहरों के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ न करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन का ध्यान अन्य जगहों पर जाता है, मामा भांजा तालाब पर नहीं। मामा भांजा तालाब पर अवैध कब्जे से पूरा तालाब पट गया है। भू-माफियाओं ने पूरे तालाब को अपने कब्जे में लेकर उसे घेर लिया है।”

उन्होंने आगे कहा, “इतना ही नहीं, शहर में और भी ऐसे स्थान हैं जहां पर माफियाओं ने अवैध कब्जा किया हुआ है। लेकिन सरकार और प्रशासन इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। केवल खानापूर्ति की कार्यवाही की जा रही है।”

  • Related Posts

    रिश्वतखोरी के आरोप: 70 हजार की मांग, 50 हजार लेते पकड़े गए रेंजर पल्लव नायक और डिप्टी रेंजर मनीष श्रीवास्तव

    50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए रेंजर पल्लव नायक और डिप्टी रेंजर मनीष श्रीवास्तव — एसीबी की बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप! बिलासपुर/मुंगेली | छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही एसीबी (आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) ने आज एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुंगेली जिले के अचानकमार टाइगर रिजर्व के सुरही रेंज में पदस्थ रेंजर और डिप्टी रेंजर को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। क्या है पूरा मामला? लोरमी निवासी अजीत कुमार वैष्णव ने एसीबी बिलासपुर में शिकायत…

    Continue reading
    बिलासपुर में 120 दिन से जंग जारी: “लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन” बना आम आदमी के हक और सम्मान की आवाज

    बिलासपुर: लिंगियाडीह में पिछले 120 दिनों से चल रहा अनिश्चितकालीन धरना अब सिर्फ एक स्थानीय विरोध नहीं, बल्कि अपने आशियाने, अधिकार और अस्तित्व को बचाने की ऐतिहासिक लड़ाई बन चुका है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के इस क्षेत्र में सैकड़ों परिवार बीते चार महीनों से सड़क पर डटे हुए हैं। ये लोग किसी राजनीतिक एजेंडे के तहत नहीं, बल्कि अपने घर-आंगन और जीवन भर की मेहनत से बनाए आशियाने को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।  “ये सिर्फ घर नहीं, हमारी पूरी जिंदगी है” आंदोलन में…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *