राष्ट्रीय स्तर पर गूंजा “जल है तो कल है” का संदेश
बिलासपुर: “जल ही जीवन है” — इस सशक्त संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘परिवर्तन – एक आशा की किरण’ संस्था द्वारा एक भव्य राष्ट्रीय ऑनलाइन ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस रचनात्मक पहल का नेतृत्व आयोजक किरण पाठक और प्रीति ठक्कर ने किया, जिन्होंने कला के माध्यम से समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश देने की कोशिश की।
इस प्रतियोगिता का मकसद सिर्फ चित्र बनाना नहीं, बल्कि जल संरक्षण के प्रति चेतना जगाना और आने वाली पीढ़ियों को पानी के महत्व से जोड़ना था। आयोजकों ने स्पष्ट कहा—
“अगर आज पानी बचाया, तभी कल सुरक्षित होगा।”

देशभर से उमड़ा जबरदस्त उत्साह
इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में वाराणसी, इंदौर, बेंगलुरु, नागपुर, बिलासपुर, रायपुर, दिल्ली, कोलकाता सहित देश के विभिन्न शहरों से 100+ महिलाओं और बच्चों ने हिस्सा लिया।
हर प्रतिभागी ने अपनी ड्राइंग के जरिए पानी की अहमियत और संरक्षण का संदेश बखूबी उकेरा।
विजेताओं ने बिखेरा प्रतिभा का जलवा
🔹 आयु वर्ग: 17+ वर्ष
-प्रथम स्थान: उदिता कौशिक (बिलासपुर), गीता कपूर (वाराणसी)
-द्वितीय स्थान: साक्षी दिहारी (इंदौर)
-तृतीय स्थान: प्रत्युष पंडोले (इंदौर)
🔹 आयु वर्ग: 13 से 16 वर्ष
-प्रथम स्थान: उषाश्री तपस्वी, अक्षा नूर (दोनों बिलासपुर)
-द्वितीय स्थान: तन्वी गणात्रा (अकोला), अनन्या कुमारी (बिलासपुर)
-तृतीय स्थान: सोनाक्षी ठाकुर, अदिति कंवर (दोनों बिलासपुर)
टीमवर्क से बना आयोजन यादगार
इस सफल आयोजन में वसुधा शर्मा, रईसा नूर, शेफाली, प्राची मतलानी, पूर्वी मिरानी, मानवी, खुशी सक्सेना, सामियां नाज, वृत्तिका कलवानी सहित कई लोगों का सराहनीय योगदान रहा।
संदेश जो हर घर तक पहुंचा
इस प्रतियोगिता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि
“जल है तो कल है” सिर्फ नारा नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी है।
कला के रंगों में ढला यह संदेश अब देशभर में जल संरक्षण की नई चेतना जगा रहा है।
‘परिवर्तन – एक आशा की किरण’ की यह पहल न केवल प्रतिभाओं को मंच देने में सफल रही, बल्कि समाज को एक बेहद जरूरी मुद्दे पर जागरूक करने में भी मील का पत्थर साबित हुई।















