बिलासपुर में अमानक कीटनाशकों पर कृषि विभाग का शिकंजा! 58 नमूनों की जांच में 15 फेल, 14 विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त

बिलासपुर में अमानक कीटनाशकों पर कृषि विभाग का शिकंजा! 58 नमूनों की जांच में 15 फेल, 14 विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त

35 के लक्ष्य के मुकाबले 58 नमूने जांच के लिए भेजे, 17 प्रतिष्ठानों में विक्रय प्रतिबंध और 7 विक्रेताओं का स्टॉक जब्त

बिलासपुर, 22 अक्टूबर 2026। किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने के दावों के बीच बिलासपुर जिले में कीटनाशकों की गुणवत्ता जांच के दौरान कई नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। कृषि विभाग द्वारा खरीफ वर्ष 2026 में निर्धारित लक्ष्य से अधिक नमूने प्रयोगशाला भेजे गए, जिनमें अब तक 15 नमूने अमानक पाए गए हैं। रिपोर्ट मिलते ही संबंधित कीटनाशकों के विक्रय पर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई की गई है। वहीं, 10 नमूनों की जांच रिपोर्ट अभी आना बाकी है।

58 नमूनों की जांच, 15 अमानक; 10 रिपोर्ट का इंतजार

कृषि विभाग ने खरीफ वर्ष 2026 में कीटनाशक गुणवत्ता परीक्षण के लिए 35 नमूनों का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसके मुकाबले 58 नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, 33 नमूने मानक और 15 नमूने अमानक पाए गए हैं। शेष 10 नमूनों के परिणाम लंबित हैं।

अमानक पाए गए कीटनाशकों के विक्रय पर तत्काल प्रतिबंध लगाया गया है। अब लंबित रिपोर्ट पर भी निगाहें टिकी हैं, ताकि गुणवत्ता संबंधी किसी भी अनियमितता पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

129 निरीक्षणों में सामने आईं अनियमितताएं, 14 लाइसेंस निरस्त

कृषि आदानों की गुणवत्ता और बिक्री व्यवस्था पर नियंत्रण के लिए जिले में विक्रेता प्रतिष्ठानों के कुल 129 निरीक्षण किए गए हैं। जांच के दौरान अनियमितताएं मिलने पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए 14 प्रतिष्ठानों के कीटनाशक विक्रय प्राधिकार पत्र निरस्त किए, जबकि दो प्रतिष्ठानों के प्राधिकार पत्र निलंबित किए गए हैं।

इसके अतिरिक्त 17 प्रतिष्ठानों में विक्रय प्रतिबंध की कार्रवाई की गई तथा सात विक्रेताओं का स्टॉक जब्त किया गया। एक मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है, जबकि दो मामलों में अभियोजन की अनुमति के लिए वरिष्ठ कार्यालय को प्रस्ताव भेजे गए हैं।

लाइसेंस से लेकर स्टॉक तक की जांच

उप संचालक कृषि के अनुसार, जिला स्तरीय निरीक्षण दल और विकासखंड स्तरीय निरीक्षक लगातार कृषि आदान विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों की जांच कर रहे हैं। इस दौरान बीज, उर्वरक और कीटनाशकों की उपलब्धता, बिक्री एवं वितरण से संबंधित अभिलेखों और लाइसेंस की शर्तों के अनुपालन की जांच की जा रही है। नियमानुसार नमूने लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण भी कराया जा रहा है।

विभाग का कहना है कि कृषि आदानों की कालाबाजारी, अवैध बिक्री और अमानक कीटनाशकों के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए निरीक्षण एवं कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

किसानों के लिए नियंत्रण कक्ष, यहां करें शिकायत

कृषि आदानों से संबंधित शिकायतों और जानकारी के लिए उप संचालक कृषि कार्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। किसान कार्यालयीन दिवसों में सुबह 10 बजे से शाम 5:30 बजे तक 07752-470814 पर संपर्क कर सकते हैं।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे बीज, उर्वरक एवं कीटनाशक केवल पंजीकृत विक्रेताओं से खरीदें और प्रत्येक खरीदी का बिल अवश्य प्राप्त करें।

अब किसानों की सुरक्षा के लिए सबसे जरूरी है कि गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया नियमित रहे, लंबित रिपोर्ट समय पर आए और अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई प्रभावी ढंग से लागू हो।

  • पंकज खण्डेलवाल

    Pankaj Khandelwal is the Founder & Principal Editor of News Hub Insight (NHI). He is an independent journalist with expertise in governance, education, public policy, civic issues and investigative reporting. His reporting is based on accuracy, public interest and responsible journalism. Every article published under his editorial supervision follows News Hub Insight's Editorial Policy, Fact Check Policy and Correction Policy.

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