कटोरे से कलम तक: मुंगेली के नट समाज ने लिखी बदलाव की नई इबारत

भिक्षावृत्ति छोड़ शिक्षा और स्वावलंबन की राह पर बढ़ने का संकल्प; जाति प्रमाण पत्र से लेकर रोजगार तक समस्याओं के समाधान की बनेगी रणनीति

मुंगेली/लोरमी। पीढ़ियों से चली आ रही भिक्षावृत्ति की बेड़ियों को तोड़कर कटोरे की जगह बच्चों के हाथों में कलम और हुनर के हाथों में रोजगार देने की पहल अब मुंगेली जिले के नट (डंगचगहा) समुदाय में दिखाई देने लगी है। समाज को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से चल रहे प्रयास के द्वितीय चरण में जिले के विभिन्न गांवों में निवासरत नट समुदाय के प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक ग्राम हरदीबांध में आयोजित की गई।

यह पहल लोरमी विधायक एवं राज्य के उपमुख्यमंत्री अरुण साव के संरक्षण, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार पाठक के मार्गदर्शन तथा राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित प्रधान पाठक एवं प्रांतीय संयोजक डॉ. सत्यनारायण तिवारी के संयोजन में आगे बढ़ाई जा रही है। इसमें शिक्षक अमित कुमार डड़सेना, दयाराम साहू, युगल किशोर राजपूत, पूनम सिंह राजपूत, कृष्ण कुमार राजपूत, रामनिवास राजपूत, पूर्व सैनिक संतोष साहू, विद्यानंद कश्यप, वैभव कुमार धृतलहरे, सुरेश कुमार नट एवं गनपत कुमार साहू सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

सवाल सिर्फ भिक्षावृत्ति छोड़ने का नहीं, भविष्य बदलने का है

हरदीबांध में हुई बैठक में यह बात सामने आई कि भिक्षावृत्ति को केवल एक सामाजिक समस्या मानकर खत्म नहीं किया जा सकता। इसके पीछे स्थायी रोजगार का अभाव, शिक्षा से दूरी, सरकारी योजनाओं की जानकारी का अभाव और जाति प्रमाण पत्र जैसी मूलभूत समस्याएं भी बड़ी वजह हैं।

समुदाय के प्रतिनिधियों ने बताया कि जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पाने के कारण अनेक परिवारों के बच्चे छात्रवृत्ति, शिक्षा और रोजगार में आरक्षण सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं। बैठक में इस समस्या को प्राथमिकता से उठाकर समाधान की दिशा में विशेष प्रयास करने का निर्णय लिया गया।

अब कटोरा नहीं, बच्चों के हाथ में होगी कलम

बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि समुदाय में भिक्षावृत्ति की प्रथा को समाप्त करने की दिशा में गंभीर प्रयास किए जाएंगे। बच्चों का शत-प्रतिशत विद्यालयी नामांकन और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

युवाओं को भी केवल रोजगार तलाशने के बजाय हस्तशिल्प, स्वरोजगार और कौशल विकास योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की रणनीति तैयार की गई।

अर्थात अभियान का लक्ष्य केवल भिक्षावृत्ति रोकना नहीं, बल्कि उसके स्थान पर शिक्षा + कौशल + रोजगार + आत्मनिर्भरता की स्थायी व्यवस्था खड़ी करना है।

“गरीबी और कुरीतियों की जंजीर तोड़ने की ताकत शिक्षा में”

बैठक का संचालन करते हुए शिक्षक अमित के.डी. ने कहा कि गरीबी और कुरीतियों की जंजीरों को तोड़ने की ताकत केवल शिक्षा में है। शिक्षा से कई पीढ़ियों की तकदीर बदली जा सकती है।

वहीं डॉ. सत्यनारायण तिवारी ने कहा कि भिक्षावृत्ति को दूर करने और समाज को आत्मनिर्भर बनाने का सबसे सशक्त माध्यम शिक्षा है। उन्होंने कहा कि नट समाज के विकास में आने वाली बाधाओं के समाधान के लिए लोरमी विधायक एवं उपमुख्यमंत्री अरुण साव से मिलकर समस्याओं को उनके समक्ष रखने और उचित निराकरण का प्रयास किया जाएगा।

“कटोरे की जगह कलम होगी, तभी बदलेगी आने वाली पीढ़ी”

बैठक की अध्यक्षता ग्राम पंचायत हरदीबांध के पूर्व सरपंच सुरेश कुमार नट ने की। उन्होंने डॉ. तिवारी सहित सभी शिक्षकों और सदस्यों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा ही वह मार्ग है जो आने वाली पीढ़ियों को इस दलदल से बाहर निकाल सकती है। उन्होंने कहा कि बच्चों के हाथों में कटोरे की जगह कलम होगी, तभी समाज सम्मानजनक स्थान हासिल कर सकेगा।

गांव-गांव से उठी बदलाव की आवाज

बैठक में घोसर्रा से जितेन्द्र नट, खपरी (कला) से प्रकाश नट, भूरका से वीरेन्द्र नट, सेतगंगा से अशोक नट, डोड़ा से कमलेश नट, गोंड़खाम्ही से गोविन्द नट एवं दीपक कुमार नट सहित हरदीबांध से सुरेश कुमार नट, अमृत लाल नट, रोहित नट और आशीष नट समेत बड़ी संख्या में बच्चे और महिलाएं उपस्थित रहीं।

अब अभियान का अगला पड़ाव

जाति प्रमाण पत्र की समस्या का समाधान, बच्चों का शत-प्रतिशत स्कूल प्रवेश, नियमित शिक्षा, युवाओं का कौशल विकास, स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं से जोड़ना—बैठक में तय किए गए ये लक्ष्य आने वाले दिनों में अभियान की दिशा तय करेंगे।

एक समाज जो वर्षों तक परिस्थितियों के आगे मजबूर रहा, अब शिक्षा और स्वावलंबन के सहारे अपनी कहानी खुद लिखने की तैयारी में है।

कटोरा छोड़ो, कलम पकड़ो—यही बदलाव की असली शुरुआत है।

  • पंकज खण्डेलवाल

    Pankaj Khandelwal is the Founder & Principal Editor of News Hub Insight (NHI). He is an independent journalist with expertise in governance, education, public policy, civic issues and investigative reporting. His reporting is based on accuracy, public interest and responsible journalism. Every article published under his editorial supervision follows News Hub Insight's Editorial Policy, Fact Check Policy and Correction Policy.

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