5 सितंबर को भव्य शिक्षक सम्मान समारोह, लंबित मांगों को लेकर आंदोलन की रणनीति पर बनी सहमति

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ की जिला स्तरीय बैठक में कर्मचारियों के हितों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर मंथन हुआ। बैठक में महंगाई भत्ता (DA), लिपिक वेतन विसंगति, विभिन्न कर्मचारी संवर्गों की वेतन विसंगति और चार स्तरीय पदोन्नत वेतनमान सहित स्थानीय समस्याओं को लेकर आंदोलन की रणनीति तैयार करने पर जोर दिया गया।
बैठक में सबसे पहले 5 सितंबर शिक्षक दिवस को भव्य कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षक एवं कर्मचारियों का सम्मान किया जाएगा। संगठन ने कहा कि जिन्होंने वर्षों तक शिक्षा एवं शासकीय सेवा में योगदान दिया, उनका सम्मान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी होगा।
लंबित मांगों पर संगठन का फोकस
बैठक में कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर गंभीर चर्चा हुई। महंगाई भत्ता, लिपिक वर्ग की वेतन विसंगति, अन्य कर्मचारी संवर्गों की वेतन विसंगतियां तथा चार स्तरीय पदोन्नत वेतनमान जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। साथ ही स्थानीय स्तर की समस्याओं के समाधान के लिए आगामी दिनों में आंदोलन को लेकर आवश्यक तैयारी करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में आर.पी. शर्मा, पी.आर. कौशिक, प्रदेश महामंत्री डॉ. सुनील कुमार यादव, संभावित अध्यक्ष सूर्य प्रकाश कश्यप, जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर पांडेय, जिला सचिव देवेंद्र ठाकुर, डॉ. शीला शर्मा, कौशल कौशिक, धनंजय चतुर्वेदी, अमित नामदेव, कमल कांत शुक्ला, रमाकांत कौशिक, दीपक चौधरी, धर्मेंद्र साहू, प्रमोद शुक्ला, चंद्रकांत कश्यप, अरविंद गहवायी सहित सैकड़ों कर्मचारी साथी उपस्थित रहे।
संगठन ने दिए आंदोलन के संकेत
बैठक में कर्मचारियों की मांगों को लेकर एकजुटता मजबूत करने और आने वाले समय में आंदोलन को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। संगठन की इस बैठक को कर्मचारियों के लंबित मुद्दों को लेकर आगामी बड़े संघर्ष की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।







