सर्पदंश मुआवजा घोटाला: यह सिर्फ घोटाला नहीं, शासन की नसों में घुसा ‘सिस्टम सिंडिकेट’ है
“सर्पदंश मुआवजा घोटाला: ड्राइवर पर ‘मास्टरमाइंड’ होने के आरोप, क्या तहसीलदार को सचमुच भनक नहीं थी?” “तहसीलदार के दफ्तर से उठे सवाल: क्या दैनिक वेतनभोगी ड्राइवर गोविंद विश्वकर्मा चला रहा था पूरा खेल?” जब फर्जी मौतें फाइलों में जिंदा हो जाती हैं बिलासपुर का कथित सर्पदंश मुआवजा घोटाला यदि जांच में सिद्ध होता है, तो यह किसी एक विभाग, एक कर्मचारी या एक डॉक्टर की कहानी नहीं है। यह उस पूरी प्रशासनिक श्रृंखला का आईना है जहाँ कागज पर लिखी गई एक बात सरकारी सत्य बन…
