बिलासपुर। छत्तीसगढ़ का वर्ष 2026 का बजट आज विधानसभा में पारित हो गया। कुल 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आकार के साथ यह बजट राज्य के अब तक के बजटों में सबसे बड़ा माना जा रहा है। बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए रेवती यादव, जिला अध्यक्ष शिवसेना ने इसे “संतुलित और सुशासन आधारित” बजट बताया, लेकिन बिलासपुर के लिए और अधिक प्रावधान की आवश्यकता भी जताई।
रेवती यादव ने कहा कि राज्य का बजट वर्ष दर वर्ष बढ़ता हुआ आज 1.72 लाख करोड़ तक पहुंच गया है, जो छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रगति का संकेत है। उन्होंने कहा कि शासन ने सभी वर्गों—आम नागरिक, किसान, व्यापारी, शासकीय कर्मचारी और युवाओं—को ध्यान में रखते हुए संतुलित बजट प्रस्तुत किया है।
बिलासपुर के लिए क्या उम्मीद?
उन्होंने स्पष्ट कहा कि बजट में बिलासपुर के विकास के लिए जो राशि आवंटित की गई है, उसका उपयोग गुणवत्तापूर्ण सड़कों, फ्लाईओवर निर्माण और स्वच्छ पेयजल व्यवस्था पर होना चाहिए।
“हम विकसित छत्तीसगढ़ की तर्ज पर विकसित बिलासपुर की कल्पना करते हैं। शहर में मजबूत सड़कें, बेहतर यातायात व्यवस्था और हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।”
रेवती यादव ने यह भी कहा कि शहर में आवास निर्माण और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने हेतु और अधिक बजट प्रावधान की आवश्यकता थी।
बजट निर्माण में जनभागीदारी की मांग
उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में बजट निर्माण प्रक्रिया में आम नागरिकों से लेकर व्यापारिक संगठनों, शासकीय कर्मचारियों और अर्थशास्त्रियों के सुझाव शामिल किए जाएं।
“यदि बजट निर्माण से पहले समाज के हर वर्ग के विचार आमंत्रित किए जाएं और विशेषज्ञ अर्थशास्त्रियों को व्यापक रूप से जोड़ा जाए, तो बजट और अधिक प्रभावी व जनहितकारी बन सकता है।”
राजनीतिक संदेश भी स्पष्ट
बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने यह भी संकेत दिया कि विकास की गति को जमीन पर उतारना ही असली चुनौती है। घोषणाओं से आगे बढ़कर क्रियान्वयन पर ध्यान देना होगा, तभी बिलासपुर और प्रदेश वास्तव में ‘विकसित छत्तीसगढ़’ की दिशा में आगे बढ़ पाएंगे।
1.72 लाख करोड़ के मेगा बजट के साथ सरकार ने बड़ा विज़न पेश किया है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि बिलासपुर को इस बजट से कितना प्रत्यक्ष लाभ मिलता है और शहर की आधारभूत संरचना में कितना ठोस सुधार दिखाई देता है।















