लगातार निलंबन-लाइन अटैच के बाद भी पुलिसकर्मी नहीं सुधरे
एसएसपी की कार्रवाई का असर खत्म! बदमाश पुलिसकर्मी बेकाबू…
इस तरह के प्रकरणों ने खोली पोल – पुलिस महकमे में वसूली का बोलबाला… एसएसपी रजनेश सिंह की सख्ती भी बेअसर!
बिलासपुर पुलिस में भ्रष्टाचार और वसूली की परतें खुलती ही जा रही हैं। शराब तस्कर को लेनदेन कर छोड़ने के मामले में रतनपुर टीआई नरेश चौहान को एसएसपी रजनेश सिंह ने लाइन अटैच किया है। इससे पहले दो कांस्टेबलों को निलंबित किया गया और जांच कोटा एसडीओपी को सौंपी गई।
22 अगस्त को ग्राम कुआंजती में 50 लीटर अवैध शराब पकड़ने के बाद आरोप है कि कांस्टेबल संजय खांडे और सुदर्शन मरकाम ने 40 हजार रुपए और शराब लेकर कोचिए को छोड़ दिया। यह खुलासा होने के बाद एसएसपी ने सख्त कदम उठाया।
सवालों के घेरे में रतनपुर थाना
मिली जानकारी के अनुसार, रतनपुर से हटाए गए टीआई नरेश चौहान के 11 माह के कार्यकाल में 10 से ज्यादा पुलिसकर्मियों पर वसूली के आरोप लगे और उन्हें लाइन अटैच या निलंबित करना पड़ा।
- 22 अप्रैल 2024 – आदतन बदमाश से थाने में हंगामा कराने के मामले में तत्कालीन टीआई रजनीश सिंह समेत 6 पुलिसकर्मी लाइन अटैच।
- 9 नवंबर 2024 – महामाया मंदिर परिसर में महिला भिखारी से 200 रुपए छीनने के मामले में सिपाही सुरेश पांडेय निलंबित।
लगातार एक्शन, लेकिन हालात जस के तस
एसएसपी रजनेश सिंह की सख्त कार्रवाइयों के बावजूद थानेदारों और आरक्षकों का रवैया नहीं बदल रहा है। बार-बार कार्रवाई के बाद भी पुलिसकर्मी सुधार नहीं दिखा रहे। इससे साफ है कि एसएसपी का एक्शन अब इन बदमाश पुलिसकर्मियों पर असर नहीं डाल रहा है।
अब गृह मंत्री की बारी
यह स्थिति गंभीर चिंता का विषय है। पुलिस विभाग की छवि लगातार धूमिल हो रही है। अब सवाल उठ रहा है कि गृह मंत्री विजय शर्मा को खुद दखल देकर जिम्मेदार अफसरों पर बड़ी कार्रवाई करनी होगी, ताकि जनता का भरोसा पुलिस पर कायम रहे।















