बिलासपुर: 24 लाख 70 हजार 530 रुपये का घोटाला!

ढेका पंचायत के पूर्व सरपंच-सचिव समेत चार पर एफआईआर, पंचायत में मचा हड़कंप

बिलासपुर, 19 फरवरी 2026। ग्राम पंचायत ढेका में 15वें वित्त आयोग और अन्य मदों की राशि में 24 लाख 70 हजार 530 रुपये के कथित गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिला पंचायत की जांच में प्रथम दृष्टया शासकीय राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होते ही प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए संबंधित चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है।

 जांच में क्या निकला?

शिकायतों के आधार पर जिला पंचायत ने जनपद पंचायत बिल्हा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया था। जांच रिपोर्ट में आवेदक और संबंधित सरपंच-सचिव के बयानों में गंभीर विरोधाभास पाए गए।
प्रतिवेदन के अनुसार ₹24,70,530 की राशि का दुरुपयोग पाया गया, जिसे गंभीर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में रखा गया है।

 किन पर गिरी गाज?

जांच में निम्नलिखित को जिम्मेदार ठहराया गया—

  • पूर्व सरपंच दिनेश मौर्य

  • तत्कालीन सचिव सचिन कौशिक

  • तत्कालीन सचिव (घूमा/हरदीकला) भानू विश्वकर्मा

  • ग्राम पंचायत ढेका के कोटवार कमल कश्यप

 एफआईआर दर्ज

जिला पंचायत बिलासपुर के आदेश पर 19 फरवरी 2026 को तोरवा थाना में एफआईआर दर्ज की गई है।
आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5), 344, 316 एवं 318 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

अब आगे क्या?

एफआईआर दर्ज होते ही पंचायत क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो संबंधितों पर सख्त कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

बड़ा सवाल

क्या 15वें वित्त आयोग की राशि का उपयोग विकास कार्यों में हुआ या कागज़ों में?
क्या और भी मदों की जांच होगी?
और सबसे अहम—क्या जिम्मेदारों से राशि की वसूली होगी?

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