बिलासपुर: होटल महुआ को बेच कर निस्तारी नाला में कब्जा, हाई कोर्ट ने कलेक्टर, बिलासपुर निगम आयुक्त से जवाब तलब किया

वरिष्ठ पत्रकार कमलेश शर्मा की रिपोर्ट 

होटल महुआ को बेच कर निस्तारी नाला में कब्जा, हाई कोर्ट ने कलेक्टर, बिलासपुर निगम आयुक्त से जवाब तलब किया

बिलासपुर। हाई कोर्ट ने पुराना बस स्टैंड के पास स्थित महुआ होटल की खरीदी-बिक्री कर भवन ढहाने के बाद टूकड़ो में बेच कर शहर के निस्तारी नाला में कब्जा किये जाने के खिलाफ पेश जनहित याचिका में बिलासपुर कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कोर्ट ने मामले को सुनवाई हेतु 28 नवंबर को रखा है।

सिंधी कालोनी निवासी शंकर लाल ने अधिवक्ता सरफराज खान के माध्यम से पुराना बस स्टैंड चौक में शहर के बड़े निस्तारी नाला में बेजा कब्जा करने के खिलाफ जनहित याचिका पेश की है। याचिका में कहा गया कि पुराना बस स्टैंड के पास बिना डायवर्सन के कृषि भूमि में होटल महुआ का निर्माण किया गया था। बाद में उक्त भवन को 56 करोड़ में बेचा गया व बिना अनुमति के भवन को तोड़कर टूकड़ो में बेचा गया। इसके साथ ही यहाँ पर बहने वाले बड़े निस्तारी नाला में कब्जा किया गया। इस संबंध में अगस्त 2024 को लगातार तीन दिन खबर प्रकाशित हुआ। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिकायत पर भी कार्रवाई नहीं हुई है। सोमवार को मामले में चीफ जस्टिस की डीबी में सुनवाई हुई। डीबी ने बिलासपुर कलेक्टर, निगम आयुक्त को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। याचिका में राज्य शासन, कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त, नगर तथा ग्राम निवेश बिलासपुर, तहसीलदार, भूमि स्वामी प्रदीप बजाज सहित 15 लोगों को पक्षकार बनाया गया है। 28 नवंबर को मामले में अगली सुनवाई होगी।

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