बिलासपुर: सालों तक मुफ्तखोरी का मज़ा लेने वाले दुकानदारों पर आखिरकार निगम का डंडा चला। महिला समृद्धि बाजार और बृहस्पति बाजार की 13 दुकानों को किराया न चुकाने पर सील कर दिया गया। कुल बकाया राशि? पूरे 17 लाख रुपये से भी ज्यादा! सवाल ये है कि इतने साल तक आखिर निगम सो क्यों रहा था? क्या नोटिस भेजने का ढोल पीटकर प्रशासन केवल दिखावा कर रहा था?
महिला सशक्तिकरण के नाम पर बना महिला समृद्धि बाजार अब किराया हड़पने का अड्डा बन गया था। जिन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनना था, वे निगम की दया पर पल रही थीं। बकाया रकम कोई छोटी-मोटी नहीं — 14.55 लाख रुपये! बृहस्पति बाजार की 3 दुकानों का बकाया भी 3 लाख रुपये से ऊपर। ये आंकड़े निगम की नाकामी और दुकानदारों की बेपरवाही दोनों को बेनकाब करते हैं।
सीधा सवाल — किराया न देने वालों की दुकानें वर्षों तक कैसे चलती रहीं? क्या निगम के बाबू और अफसर जानबूझकर आंखें मूंदे बैठे थे? या फिर चुपचाप हिस्सेदारी लेकर बकायेदारों को बचाते रहे? अगर आज सीलिंग हुई है तो यह भी मानना पड़ेगा कि मिलीभगत की पोल खुलने लगी है।
दुकान सील करना पहली कार्रवाई है, लेकिन असली कार्रवाई तब होगी जब बकाया वसूली हो। सिर्फ ताला लगाकर अखबारों में फोटो खिंचवाना जनता को गुमराह करना है। निगम चाहे तो एक हफ्ते में बकाया वसूल सकता है — लेकिन करेगा तभी, जब अफसरों की सांठगांठ न हो।
जनता का हक़ मारकर, किराया डकारकर दुकानदारों ने धोखा दिया है। निगम की सुस्ती और दुकानदारों की चालाकी दोनों ने मिलकर इस सिस्टम को खोखला किया है। अब वक्त आ गया है कि या तो निगम बकाया वसूली करे, या जनता साफ-साफ कहे — ये दुकानें मुफ़्तखोरी का बाजार हैं, विकास का नहीं।

महिला समृद्धि बाजार की 10 दुकानें सील
गणेश नगर चौक के पास बनाए गए महिला समृद्धि बाजार में किराया बकाया रखने वाली 10 दुकानों को सील किया गया। इनमें शामिल हैं —
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दुकान क्रमांक 53 – कल्पना चाकी
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दुकान क्रमांक 54 – भावना शर्मा
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दुकान क्रमांक 55 – वैशाखी शाहा
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दुकान क्रमांक 57 – ज्योति सोनी
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दुकान क्रमांक 58 – पूनम भदराजा
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दुकान क्रमांक 60 – सुनीता देवी
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दुकान क्रमांक 62 – लक्ष्मी देवी
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दुकान क्रमांक 63 – जमुना सोनी
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दुकान क्रमांक 64 – लेखा चौधरी
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दुकान क्रमांक 74 – सकीना भारमल
इन दुकानों का कुल बकाया किराया ₹14,55,655 है।
बृहस्पति बाजार की 3 दुकानें भी सील
इसी तरह बृहस्पति बाजार की 3 दुकानों को भी सील किया गया। इनमें शामिल हैं —
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दुकान क्रमांक 6 – जमुना देवी
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दुकान क्रमांक 8 – सालिकराम
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दुकान क्रमांक 23 – रजनी गुप्ता
इन दुकानों का कुल बकाया ₹3,09,278 है।















