विश्व कला दिवस पर बिलासपुर में भव्य आयोजन, साहित्य और संस्कृति पर गूंजे विचार
बिलासपुर (छत्तीसगढ़), 15 अप्रैल 2026।
विश्व कला दिवस के अवसर पर प्रयास प्रकाशन साहित्य अकादमी द्वारा एक भव्य, गरिमामय एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कला, साहित्य और संस्कृति के विविध आयामों पर गहन चर्चा हुई, जिसने उपस्थित जनों को विचारमग्न कर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. विनय कुमार पाठक ने अपने प्रभावशाली उद्बोधन में कहा कि “कला केवल अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि समाज को संवेदनशील और संस्कारित बनाने की शक्ति है।” उन्होंने विश्व कला दिवस जैसे आयोजनों को नई पीढ़ी में रचनात्मकता और सांस्कृतिक चेतना जगाने वाला बताया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. राघवेंद्र दुबे ने कहा कि “साहित्य और कला किसी भी सभ्य समाज की आत्मा होते हैं।” उन्होंने ऐसे आयोजनों को सृजनधर्मिता को नई दिशा देने वाला बताते हुए भविष्य में भी निरंतर आयोजन करने की प्रतिबद्धता जताई।
विशेष अतिथियों में डॉ. विनोद कुमार वर्मा, डॉ. रमेश चंद्र श्रीवास्तव एवं विष्णु कुमार तिवारी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। सभी वक्ताओं ने कला और साहित्य के गहरे संबंधों पर अपने विचार रखते हुए ऐसे आयोजनों को समय की आवश्यकता बताया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. विवेक तिवारी द्वारा किया गया, जिसने पूरे आयोजन को जीवंत बनाए रखा।
इस अवसर पर डॉ. मंतराम यादव, डॉ. शत्रुघ्न जेसवानी, शीतल प्रसाद पाटनवार, राजेश सोनार, डॉ. गजेंद्र तिवारी, डॉ. अंकुर शुक्ला, डॉ. के.के. दुबे, श्रीमती वसंती वर्मा, डॉ. आशीष श्रीवास सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
सभी उपस्थित जनों ने कार्यक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे कला एवं साहित्य के संवर्धन की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल बताया।
अंत में अकादमी की ओर से सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं उपस्थित सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
यह आयोजन न केवल कला का उत्सव बना, बल्कि समाज में रचनात्मक चेतना जगाने का सशक्त माध्यम भी साबित हुआ।















