बिलासपुर से भागकर मध्यप्रदेश में छिपा था आरोपी, माकरी कुठार में दोस्त के घर से गिरफ्तारी; कोतवाली के अपराध क्रमांक 489/2026 में चल रही थी तलाश
बिलासपुर। खपरगंज में हुए हिंसक विवाद और पथराव के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना सिटी कोतवाली के अपराध क्रमांक 489/2026 के आरोपी रामसिंह ठाकुर को मध्यप्रदेश के पन्ना जिले से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ग्राम माकरी कुठार, थाना बृजपुर, जिला पन्ना स्थित अपने मित्र धीरेन्द्र पटेल के घर में छिपा हुआ था, जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया।
रामसिंह ठाकुर की गिरफ्तारी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि 8 सितंबर तक सामने आई पुलिस कार्रवाई में वह फरार बताया गया था और उसकी तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। उस समय तक दोनों पक्षों से कुल 29 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई थी।
बिलासपुर से पन्ना तक पहुंची पुलिस की तलाश
पुलिस के मुताबिक रामसिंह ठाकुर की तलाश में उसके घर, रिश्तेदारों और करीबी लोगों के संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही थी। इसी दौरान उसके मध्यप्रदेश में होने की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम ने ग्राम माकरी कुठार पहुंचकर कार्रवाई की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
इस गिरफ्तारी के साथ ही अपराध क्रमांक 489/2026 की जांच में एक महत्वपूर्ण कड़ी पुलिस के हाथ लगी है।
28 अगस्त के बवाल के बाद लगातार कार्रवाई
खपरगंज में 28 अगस्त को दो पक्षों के बीच विवाद के बाद स्थिति हिंसक हो गई थी। पथराव के दौरान पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी रिपोर्ट सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज कर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी शुरू की।
8 सितंबर को पुलिस ने रामसिंह गुट से जुड़े पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उस समय कुल गिरफ्तारियों की संख्या 29 बताई गई थी और रामसिंह की तलाश जारी थी।
अब आगे की जांच पर नजर
रामसिंह ठाकुर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने अब कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच का चरण है—घटना में उसकी कथित भूमिका, अन्य आरोपियों से उसका संपर्क, घटनास्थल से जुड़े उपलब्ध CCTV/वीडियो साक्ष्य, तथा घटना से पहले और बाद की गतिविधियों का पुलिस द्वारा किया जा रहा सत्यापन।
पुलिस ने कहा है कि आरोपी के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
खपरगंज कांड में पुलिस की तलाश बिलासपुर से निकली और पन्ना तक पहुंची—अब गिरफ्तारी के बाद जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।







