बिलासपुर में NSUI के ‘घेराव’ का निकला दम, पुलिस की अभेद्य बैरिकेडिंग के आगे फीका पड़ा प्रदर्शन

मंत्री आवास तक पहुंचने का दम नहीं दिखा, मगर बैरिकेड पर चढ़कर फोटो खिंचवाने का उत्साह चरम पर नजर आया

जोश दिखा, लेकिन बैरिकेड नहीं टूटा; बिलासपुर में NSUI का घेराव पड़ा फीका

 

बिलासपुर। सीबीएसई, एसएससी, नीट एवं अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और भ्रष्टाचार के विरोध में बुधवार को केंद्रीय मंत्री तोखन साहू के निवास घेराव का ऐलान करने वाली एनएसयूआई और कांग्रेस की पूरी तैयारी बिलासपुर पुलिस की मजबूत बैरिकेडिंग के सामने बौनी साबित हुई।

राष्ट्रीय एनएसयूआई अध्यक्ष विनोद जाखड़ और कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में मंच से भाजपा सरकार पर तीखे राजनीतिक हमले जरूर किए गए, लेकिन जब बात मंत्री निवास तक पहुंचने की आई तो आंदोलन की रफ्तार बैरिकेड पर ही थम गई।

प्रदर्शनकारियों ने जिस जोश और तेजी से बैरिकेडिंग की ओर दौड़ लगाई, उसे देखकर कुछ देर के लिए लगा कि पुलिस व्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी और भीड़ मंत्री आवास तक पहुंच जाएगी। लेकिन हुआ इसका ठीक उल्टा। पुलिस द्वारा बनाई गई बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था ऐसी रही कि प्रदर्शनकारी टीन की सुरक्षा दीवार तक भी नहीं पहुंच सके।

घटनाक्रम का सबसे चर्चित दृश्य तब देखने को मिला जब कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव बैरिकेड पर चढ़े। पुलिस ने तत्काल वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया और उन्हें नीचे उतरना पड़ा। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने बैरिकेड पर चढ़कर प्रदर्शन को धार देने की कोशिश की, लेकिन कुछ देर बाद वे भी नीचे आ गए।

राजनीतिक मंच से जोश से भरे भाषण देने वाले कई दिग्गज नेता मौके पर बैरिकेड से सुरक्षित दूरी बनाकर खड़े रहे। कुछ नेता मीडिया कैमरों के सामने बयान देते नजर आए तो कुछ फोटो और वीडियो के लिए बैरिकेड पर चढ़कर नारेबाजी करते दिखाई दिए। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों के बीच यह चर्चा भी रही कि कई नेताओं की सक्रियता आंदोलन से ज्यादा सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित दिखाई दी।

प्रदर्शन के दौरान नारे खूब लगे, भाषण भी हुए और सत्ता पक्ष पर आरोपों की बौछार भी हुई, लेकिन दिन के अंत में चर्चा आंदोलन की नहीं बल्कि बिलासपुर पुलिस की सुरक्षा रणनीति की रही। जिस घेराव को लेकर राजनीतिक गर्मी चरम पर थी, वह पुलिस की कड़ी व्यवस्था के आगे फीका पड़ता नजर आया।

कुल मिलाकर बुधवार का घेराव आंदोलन से ज्यादा बैरिकेडिंग की मजबूती और पुलिस की तैयारी का प्रदर्शन बनकर रह गया।

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