भिक्षावृत्ति में फंसे “स्पेशल बच्चों” को मिलेगी नई जिंदगी — GGV में शुरू हुआ बड़ा मिशन, देशभर के विशेषज्ञ जुटे
बिलासपुर |समाज के सबसे संवेदनशील और उपेक्षित वर्ग — भिक्षावृत्ति में संलग्न विशेष बच्चों के जीवन को नई दिशा देने के उद्देश्य से गुरू घासीदास विश्वविद्यालय (GGV) में एक बड़ा राष्ट्रीय स्तर का अभियान शुरू हो गया है।
सामाजिक कार्य विभाग द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन आज रजत जयंती सभागार में होगा, जिसमें देशभर के विशेषज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता और नीति निर्माता शामिल हो रहे हैं।
इस महत्वपूर्ण आयोजन में डॉ. विनय कुमार पाठक को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है, जिनकी उपस्थिति कार्यक्रम को नई ऊर्जा और दिशा देगी।
क्या है इस कार्यक्रम का मिशन?
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि एक ग्राउंड-लेवल बदलाव की पहल है, जिसका लक्ष्य है:
- भिक्षावृत्ति में फंसे विशेष बच्चों का पुनर्वास
- उनके लिए प्रभावी सरकारी नीतियों का क्रियान्वयन
- समाज में जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाना
- इंटरवेंशन मॉडल तैयार करना, जिससे बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके
कौन कर रहा आयोजन?
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान (NISD), नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है, जो सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।
क्यों है यह कार्यक्रम खास?
आज जब समाज में भिक्षावृत्ति एक गंभीर सामाजिक समस्या बनती जा रही है, ऐसे में यह पहल:
– बच्चों के भविष्य को बचाने की मजबूत शुरुआत
-सरकार और समाज के बीच बेहतर समन्वय का प्लेटफॉर्म
-और एक सस्टेनेबल समाधान की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है
मैसेज क्लियर है
-अब “भीख” नहीं, सम्मान और शिक्षा का अधिकार
– अब “लाचार नहीं”, सशक्त बनेंगे ये बच्चे














