बिलासपुर: बच्चों की प्रतिभा को नया मंच: ‘परिवर्तन – एक आशा की किरण’ द्वारा ऑनलाइन डांस प्रतियोगिता संपन्न, देशभर से मिला उत्साहजनक प्रतिसाद

बिलासपुर। ‘परिवर्तन – एक आशा की किरण’ द्वारा आयोजित ऑनलाइन डांस प्रतियोगिता (आयु वर्ग: 7 से 10 वर्ष) को देशभर से शानदार प्रतिक्रिया मिली। संस्थापक किरण पाठक और प्रीति ठक्कर के मार्गदर्शन में संपन्न इस आयोजन में उड़ीसा, महाराष्ट्र, झारखंड, तेलंगाना, मध्यप्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस प्रतियोगिता ने न सिर्फ बच्चों को अपनी नृत्य प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया, बल्कि डिजिटल मंच के माध्यम से उनके आत्मविश्वास को भी नई उड़ान दी। कोविड काल के बाद डिजिटल युग में यह प्रयास बेहद सफल और प्रेरणादायक रहा।

बच्चों ने वीडियो के माध्यम से अपनी प्रस्तुति दी, जिनका मूल्यांकन विशेषज्ञ निर्णायकों द्वारा लय, भाव-भंगिमा, समर्पण और प्रस्तुति जैसे विभिन्न मापदंडों पर किया गया।

प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे

  • प्रथम स्थान: शिवान्या वर्मा (बिलासपुर) और इतिश्री मोगरे (पुणे)

  • द्वितीय स्थान: सव्या माखीजा (दुर्ग) और अक्षता अग्रवाल (बिलासपुर)

  • तृतीय स्थान: वेदिका राठौर (सक्ति) और वृद्धि दवे (बिलासपुर)

विशेष खिताबों से नवाजे गए प्रतिभागी

  • अनाया पाण्डेय (महासमुंद) – बेस्ट तिरंगा थीम गेटअप

  • आरोही पवार – बेस्ट कॉन्फिडेंस

  • शिवाय अग्रवाल – बेस्ट डांसर

  • विआन रायचा – डांसिंग किंग

  • इप्शिता शाहू – एक्सप्रेशन क्वीन

  • अयांशी पाठक – बेस्ट परफॉमेंस

  • नैन्सी शाहू – एनर्जेटिक परफॉमेंस

  • आराध्या पाठक – डांसिंग क्वीन

सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार प्रदान किए गए। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में तकनीकी टीम, अभिभावकों और निर्णायकों का योगदान महत्वपूर्ण रहा, जिनमें वसुधा शर्मा और रश्मि मिश्रा का उल्लेखनीय सहयोग रहा।

आयोजकों प्रीति ठक्कर और किरण पाठक ने कहा कि—

“हर बच्चे में कोई न कोई प्रतिभा होती है, बस उसे मंच और सही मार्गदर्शन की ज़रूरत है। हमारी कोशिश है कि देशभर के हर घर की रचनात्मकता को पहचान मिले।”

‘परिवर्तन – एक आशा की किरण’ संस्था बच्चों और महिलाओं के भीतर छिपी प्रतिभा को मंच देने हेतु लगातार नये आयोजन करती रही है। आने वाले समय में गायन, चित्रकला, भाषण, कविता पाठ जैसी विधाओं में भी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन आयोजनों के माध्यम से न केवल प्रतिभाओं को सम्मान मिलेगा, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने की योजना भी है।

यह आयोजन एक प्रमाण है कि प्रतिभा ना उम्र देखती है, ना मंच – सिर्फ एक अवसर चाहिए।

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