CG: ओपन स्कूल परीक्षा में गंभीर लापरवाही, तीन शिक्षा अधिकारियों पर गिरी गाज, तत्काल निलंबन

गरियाबंद जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लोहरसी (परीक्षा केन्द्र कोड-2208) में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी मुख्य परीक्षा 2025 के दौरान चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई है।

दिनांक 4 अप्रैल 2025 को 12वीं कक्षा के गृह विज्ञान विषय की परीक्षा के दौरान केन्द्राध्यक्ष एवं सहायक केन्द्राध्यक्ष ने बिना सही मिलान किए कक्षा 10वीं के गृह विज्ञान के प्रश्न पत्र परीक्षार्थियों को बांट दिए। जब इस गंभीर त्रुटि का पता चला, तब प्रश्न पत्र वापस लेकर सही प्रश्न पत्र वितरित किया गया और परीक्षार्थियों को अतिरिक्त समय दिया गया।

परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद इस प्रकार की घोर लापरवाही को गंभीर अपराध मानते हुए कार्यवाही की गई है। प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए –

  • नारायण सिंह चंद्राकर (केन्द्राध्यक्ष, व्याख्याता, शासकीय उ.मा.वि. टेका)

  • तुलसी राम यादव (सहायक केन्द्राध्यक्ष, व्याख्याता, शासकीय उ.मा.वि. लोहरसी)

  • नीतू शाह (जिला प्रतिनिधि आब्जर्वर, व्याख्याता, शासकीय हाईस्कूल तर्रीघाट)

उक्त तीनों अधिकारियों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और इनका मुख्यालय कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, गरियाबंद नियत किया गया है।

निलंबन अवधि के दौरान इन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि परीक्षा जैसे अति संवेदनशील कार्य में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • Related Posts

    बिलासपुर: खारंग में गूंजा वेद मंत्रों का स्वर, 28 बटुकों का सामूहिक उपनयन… प्रतिभाओं का हुआ भव्य सम्मान

    बिलासपुर। परंपरा, संस्कार और प्रतिभा का अद्भुत संगम उस वक्त देखने को मिला जब सरयूपारिण विप्र खारंग संघ द्वारा ग्राम नगोई (बेमा) में दो दिवसीय सामूहिक व्रतबंध संस्कार, वार्षिक सम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। 28 बटुकों के उपनयन संस्कार के साथ शुरू हुआ यह आयोजन पूरी तरह वैदिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। शोभायात्रा ने बढ़ाई भव्यता, समाज ने दिखाई एकजुटता संस्कार के पश्चात खारंग परिक्षेत्र के विभिन्न गांवों…

    Continue reading
    महावीर : अहिंसा और चेतना का अंतर-सभ्यतागत नैतिक प्रतिमा

    ✍ डॉ. भूपेन्द्र धर दीवान, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ ( त्वचाविज्ञान आधारित बहु-बुद्धिमत्ता परीक्षण विशेषज्ञ एवं मानसिकमाप परामर्शदाता ) यह लेख महावीर के दार्शनिक चिंतन को एक अंतर-सभ्यतागत नैतिक प्रतिमान के रूप में विश्लेषित करता है। इसमें वैदिक, उपनिषदिक, ब्राह्मणीय, जैन तथा आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टियों के बीच एक समन्वित और समालोचनात्मक वैचारिक ढाँचा निर्मित किया गया है। लेख यह प्रतिपादित करता है कि अहिंसा, चेतना और अनेकांतवाद केवल आध्यात्मिक मुक्ति के साधन नहीं हैं, बल्कि वे आधुनिक युग के नैतिक, पर्यावरणीय और मनोवैज्ञानिक संकटों के समाधान हेतु एक…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *