बिलासपुर: PWD संभाग क्रमांक 2 के लापरवाह अधिकारियों के कारण खेलो इंडिया स्टेट सेंटर में तीरंदाजी खिलाड़ी जुगाड़ से बना शेड में प्रैक्टिस करने को मजबूर

बिना कोच के राष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारी में जुटे खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तीरंदाजी खिलाड़ी

बिलासपुर के बहतराई स्टेडियम में खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में तीरंदाजी खिलाड़ी विपरीत परिस्थितियों में प्रशिक्षण ले रहे हैं। शेड का निर्माण  नहीं होने के कारण खिलाड़ियों को जुगाड़ से बनाए गए शेड में ट्रेनिंग करनी पड़ रही है। इसके बावजूद खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतकर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर रहे हैं।

खिलाड़ियों की समस्या और हेड कोच की मेहनत

खिलाड़ियों का कहना है कि इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद उनके हेड कोच निलेश गुप्ता ने हमेशा उन्हें बेहतर ट्रेनिंग दी और सही दिशा में काम करने के लिए प्रेरित किया। खिलाड़ी कोच निलेश गुप्ता की तारीफ करते हुए कहते हैं, “आर्चरी में उनके जैसा कोच मिलना मुश्किल है। उनकी मेहनत और ट्रेनिंग की वजह से ही हम अच्छे प्रदर्शन कर पा रहे हैं।”

लापरवाह पीडब्ल्यूडी अधिकारी और शेड का निर्माण

खेल अधिकारी ए. एक्का ने शेड निर्माण के लिए छह महीने पहले ही पीडब्ल्यूडी संभाग क्रमांक 2 को बजट जारी कर दिया था, लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण अब तक शेड का निर्माण नहीं हुआ है। इस कारण खिलाड़ियों को जुगाड़ का सहारा लेना पड़ रहा है। यह स्थिति निर्माण एजेंसी की गंभीरता पर सवाल उठाती है।

कोच को हटाने पर विवाद

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें खिलाड़ी गाने पर डांस करते नजर आए। वीडियो में कोच निलेश गुप्ता भी मौजूद थे। इसे आधार बनाकर खेल विभाग ने उन्हें हटा दिया, जिससे खिलाड़ी मानसिक तनाव में हैं। कोच की बर्खास्तगी ने प्रैक्टिस पर असर डाला है, लेकिन खिलाड़ी अपनी मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर आगामी प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए जुटे हुए हैं।

राष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारी

दीपावली के दौरान खिलाड़ियों को अवकाश मिला था, लेकिन 24 नवंबर से होने वाली राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता की तैयारी के चलते वे घर नहीं गए। वे कड़ी मेहनत कर रहे हैं, ताकि छत्तीसगढ़ का मान बढ़ा सकें।

PWD संभाग क्रमांक 2 के अधिकारियों की उदासीनता पर सवाल

खिलाड़ियों की जुगाड़ से ट्रेनिंग ने PWD संभाग क्रमांक 2 के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों ने मांग की है कि शेड निर्माण में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो और वहीं, कोच निलेश गुप्ता को बहाल किया जाए।

 

 

राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रदर्शन पर नजरें

अब सबकी निगाहें 24 नवंबर को होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता पर हैं, जहां विपरीत परिस्थितियों के बावजूद छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी पदक जीतने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

 

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