जब तबले पर थिरकीं उंगलियां, तो गूंज उठा राष्ट्रीय मंच: बिलासपुर के साधक आरव भुरंगी ने रचा संगीतमय इतिहास!
प्रतिभा का मान, बिलासपुर की शान: 13 नवंबर को ‘न्यूज़ हब इनसाइट केयर फाउंडेशन’ करेगा राष्ट्रीय तबला विजेता आरव का भव्य अभिनंदन!
बिलासपुर | भारतीय संगीत जगत से एक बेहद गर्व और उत्साह से भर देने वाली खबर सामने आई है। महर्षि विद्या मंदिर द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की संस्कृति प्रतियोगिता (तबला विधा) में मास्टर आरव रुपेश भुरंगी ने अपनी जादुई उंगलियों और असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया है।
देशभर के धुरंधर प्रतियोगियों को पछाड़ा
बीते 24 और 25 अक्टूबर को भोपाल में आयोजित इस महा-मुकाबले में देश के कोने-कोने से आए बेहद प्रतिभाशाली और धुरंधर तबला वादक शामिल हुए थे। कड़े मुकाबले के इस दौर में मास्टर आरव ने अपनी बेहतरीन ताल-लय, सधी हुई गति और अनूठी वादन शैली से ऐसा समां बांधा कि निर्णायक मंडल (Judges) और वहां मौजूद सभी श्रोताओं का मन मोह लिया।
परिवार और विद्यालय का नाम किया रोशन
आरव की इस ऐतिहासिक सफलता ने महर्षि विद्या मंदिर, उनके गुरुजनों, दादा-दादी, माता-पिता और पूरे समाज का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। इतनी कम उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर यह मुकाम हासिल करना यह साबित करता है कि आरव का संगीत भविष्य बेहद उज्ज्वल और स्वर्णिम है।
शुभकामनाएं और आशीर्वाद
इस शानदार उपलब्धि पर विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, परिवार के सदस्यों और शुभचिंतकों ने आरव को ढेरों बधाइयां दी हैं और उनके संगीत सफर के और भी ऊंचे शिखरों को छूने की कामना की है।
“जब उंगलियां तबले पर थिरकती हैं, तो इतिहास खुद ब खुद लिखा जाता है!”
आरव की इस धमाकेदार जीत पर पूरे देश को गर्व है।