CG: नवपदस्थ शालाओं में कार्यभार नहीं संभालने वाले शिक्षकों का वेतन रोका जाएगा

CG: शासकीय विद्यालयों में युक्तियुक्तकरण के तहत नवपदस्थ शिक्षकों के लिए कार्यभार ग्रहण करना अब अनिवार्य कर दिया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा सोमवार को जारी आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जिन शिक्षकों ने नवीन संस्था में कार्यभार ग्रहण नहीं किया है, उनका वेतन आगामी आदेश तक रोका जाएगा तथा उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पूर्व में जारी आदेशों (क्रमांक एफ 2-24/2024/20-तीन, दिनांक 02 अगस्त 2024 एवं 28 अप्रैल 2025) के तहत प्रदेशभर में विद्यालयों का युक्तियुक्तकरण किया गया था। इसके तहत जिला, संभाग और राज्य स्तर पर शिक्षकों की नई पदस्थापना सुनिश्चित की गई थी। लोक शिक्षण संचालनालय ने पाया कि कुछ शिक्षकों द्वारा अभी तक नवीन पदस्थ संस्था में कार्यभार ग्रहण नहीं किया गया है, जो प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन है।

हालांकि, यह आदेश उन शिक्षकों पर लागू नहीं होगा, जिन्हें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा अंतरिम राहत प्रदान की गई है। संचालनालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और संभागीय संयुक्त संचालकों को इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

यह निर्णय स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बनाए रखने और शैक्षणिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

 प्रमुख बिंदु

  • कार्यभार नहीं संभालने वाले शिक्षकों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोका जाएगा।

  • संबंधितों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई तय।

  • हाईकोर्ट से अंतरिम राहत प्राप्त शिक्षकों को छूट।

  • आदेश की प्रति सभी जिलों और संभागों को भेजी गई।

  • Related Posts

    CG: कांग्रेस के 41 जिलों में बड़ा बदलाव—क्या नई टीम पार्टी की सांसों में नई ऊर्जा भरेगी?

      छत्तीसगढ़ की राजनीति में आजमाए हुए चेहरों से लेकर नए नेताओं तक—कांग्रेस ने एक साथ 41 जिलों में नया नेतृत्व तैनात करके यह साफ कर दिया है कि संगठन अब आधे-अधूरे प्रयोगों पर नहीं, बल्कि बूथ से लेकर जिला स्तर तक ठोस पकड़ बनाने की कोशिश में है। यह बदलाव सिर्फ एक सूची नहीं है—यह पार्टी की दबी हुई बेचैनी, ठहराव की थकान और नई उम्मीदों की खिड़की खोलने की कोशिश भी है। क्या नए कप्तान कांग्रेस की दिशा बदल पाएंगे? कांग्रेस ने लंबे समय…

    Continue reading
    CG: राजिम में राष्ट्रीय सेमिनार का सफल समापन — “प्रकृति, विकृति और संस्कृति—तीनों में ‘कृति’ का संकेत”—डॉ. विनय कुमार पाठक

    राजिम। शासकीय राजीव लोचन स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजिम में PM-USHA द्वारा प्रायोजित “सतत् विकास के लिए पर्यावरण प्रबंधन” विषयक तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार (6–8 नवम्बर) का सफल समापन हुआ। कार्यक्रम संस्था प्रमुख डॉ. सविता मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि थावे विश्वविद्यालय, बिहार के कुलपति डॉ. विनय कुमार पाठक ने कहा—“वन के बिना जीवन अधूरा है। प्रकृति, विकृति और संस्कृति—इन तीनों शब्दों में ‘कृति’ निहित है। जब मानव व्यवहार संतुलित व उत्तरदायी होता है तभी प्रकृति से सामंजस्य संभव है।” विशिष्ट अतिथि डॉ. गोवर्धन…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *