मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय स्थित महानदी भवन में खनिज साधन विभाग के कार्यों एवं गतिविधियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में आगामी कार्ययोजना, खनिज अन्वेषण, खनिज ब्लॉक नीलामी, जिला खनिज न्यास (DMF), तकनीकी नवाचार तथा विभागीय पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने विभागीय प्रगति की सराहना करते हुए टिन पोर्टल के माध्यम से समय पर और नियमित भुगतान व्यवस्था की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी है और हितग्राहियों का विश्वास मजबूत हुआ है। मुख्यमंत्री ने कोरंडम उत्खनन के माध्यम से स्थानीय लोगों को कटिंग एवं पॉलिशिंग जैसे कार्यों से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खनन क्षेत्रों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को विश्वास में लेकर परियोजनाओं के लाभों का प्रभावी प्रचार-प्रसार किया जाए तथा तय समय-सीमा में खनन कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने DMF से विकास कार्यों की स्वीकृति नियमानुसार शीघ्र कराने के निर्देश भी दिए, ताकि बुनियादी सुविधाओं का त्वरित विकास हो सके।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से “खनिज ऑनलाइन 2.0” प्रणाली विकसित की गई है। खनिज ब्लॉक नीलामी से पहले लैंड शेड्यूलिंग तथा बंद और उपेक्षित खदानों के निस्तारण के लिए SOP भी तैयार की गई है। वित्तीय जानकारी देते हुए बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 14 हजार करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 14,592 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह हुआ है, जबकि 2025-26 में 17 हजार करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध दिसंबर तक 10,345 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
बैठक में यह भी बताया गया कि टिन कलेक्शन मॉडल से जुड़े परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने इसे आजीविका संवर्धन का सफल मॉडल बताते हुए इसे और अधिक बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव सह खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद, संचालक रजत बंसल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।















