बिलासपुर। पर्यावरण एवं पर्यटन विकास समिति द्वारा ‘अर्थ आवर डे’ के अवसर पर एक प्रेरणादायक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसने प्रकृति संरक्षण के प्रति जनजागरूकता का सशक्त संदेश दिया। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि पूरी संगोष्ठी दीपों की रोशनी में आयोजित की गई—सभी लाइटें बंद कर पंचदीप प्रज्ज्वलित करते हुए पर्यावरण बचाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. विनय कुमार पाठक (पूर्व अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति, थावे विद्यापीठ) उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिकता की दौड़ में जहां तकनीक ने जीवन आसान बनाया है, वहीं पर्यावरण संकट भी गंभीर रूप ले चुका है। बढ़ता प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा का अत्यधिक उपयोग धरती के अस्तित्व के लिए खतरा बन गए हैं। ऐसे में ‘अर्थ आवर डे’ हमें प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का एहसास कराता है।
समिति के अध्यक्ष डॉ. विवेक तिवारी ने स्वागत भाषण में कहा कि रात 8:30 से 9:30 बजे तक लाइट बंद करना केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि यह सामूहिक शक्ति का उदाहरण है—जो दिखाता है कि एकजुट होकर हम धरती को बचा सकते हैं।
विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार विष्णु कुमार तिवारी एवं सनत तिवारी ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि यह अभियान केवल एक घंटे का नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए जागरूकता का वैश्विक संदेश है।
कार्यक्रम का संचालन शीतल प्रसाद पाटनवार ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. अंकुर शुक्ला ने किया। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।
संदेश साफ है—अगर आज नहीं जागे, तो कल बहुत देर हो जाएगी। ‘अर्थ आवर’ सिर्फ एक घंटा नहीं, बल्कि धरती को बचाने का संकल्प है।















