दिव्यांगों के हक पर रसूख भारी! कांग्रेस नेता भरत कश्यप पर फुटपाथ कब्जे और अवैध निर्माण का आरोप
दिव्यांग फ्रेंडली फुटपाथ पर कब्जा करने वाले कांग्रेस नेता भरत कश्यप का भाजपा राज में भी जलवा — बिना अनुमति के कर रहे दुकान/गैरेज निर्माण
बिलासपुर। स्मार्ट सिटी परियोजना, जो शहर को आधुनिक और समावेशी बनाने के लिए शुरू की गई थी, आज खुद सवालों के घेरे में है। वार्ड क्षेत्र में दिव्यांगों के लिए बनाए जा रहे फुटपाथ को नियम विरुद्ध अपने अनुकूल बनवाने का गंभीर आरोप पार्षद एवं कांग्रेस नेता भरत कश्यप पर लगा है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह सब स्मार्ट सिटी के जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी और कथित संरक्षण में होने की बात सामने आ रही है।
स्थानीय नागरिकों और विभागीय सूत्रों के अनुसार, ठेकेदार द्वारा बनाया गया दिव्यांग फुटपाथ में मानकों की अनदेखी कर उसे निजी सुविधा अनुसार मोड़ा-तोड़ा गया, जिससे दिव्यांगों के लिए बना उद्देश्य ही निष्प्रभावी हो गया।
MD को शिकायत, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं
इस पूरे मामले की लिखित शिकायत स्मार्ट सिटी के MD अमित कुमार से की गई, लेकिन अब तक न निरीक्षण, न नोटिस, न कोई दंडात्मक कार्रवाई सामने आई है।
प्रश्न यह उठता है कि—
क्या एक निर्वाचित प्रतिनिधि के आगे स्मार्ट सिटी/निगम प्रबंधन असहाय है?
-या फिर जानबूझकर आंखें मूंदी जा रही हैं?
अब बिना अनुमति निर्माण का आरोप
विभागीय सूत्रों का दावा है कि कार्रवाई न होने से पार्षद का हौसला और बढ़ गया है। वर्तमान में वे बिना किसी वैधानिक अनुमति के एक दुकान/गैरेज का निर्माण “डंके की चोट पर” करवा रहे हैं।
यदि यह सही है, तो यह नगर निगम अधिनियम, स्मार्ट सिटी गाइडलाइन और भवन निर्माण नियमों का सीधा उल्लंघन है।
सबसे बड़ा सवाल – MD/निगम कमिश्नर अमित कुमार की भूमिका
जब शिकायत मिलने के बावजूद कोई कदम नहीं उठाया गया, तो स्मार्ट सिटी के MD अमित कुमार की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
क्या
- अधिकारियों को मौखिक निर्देश दिए गए?
- क्या किसी फाइल को दबाया गया?
- या फिर प्रभावशाली नेता के सामने सिस्टम मौन है?
जनहित में जांच की मांग
शहर के जागरूक नागरिकों ने मांग की है कि—
- पूरे फुटपाथ निर्माण की तकनीकी व प्रशासनिक जांच हो
- बिना अनुमति निर्माण पर तत्काल रोक लगे
- जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधि पर कानूनी कार्रवाई की जाए
स्मार्ट सिटी जनता के टैक्स से बनती है, किसी की निजी जागीर नहीं।















