बिलासपुर: नगर निकायों को मिला 103 करोड़ का विकास पैकेज, महापौर-अध्यक्ष और पार्षद निधि की पहली किस्त जारी

बिलासपुर। नगरीय निकायों में आधारभूत विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने कुल 103 करोड़ रुपए की राशि जारी की है। यह राशि महापौर निधि, अध्यक्ष निधि और पार्षद निधि के रूप में नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को दी गई है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत यह राशि पहली किस्त के रूप में 50-50 प्रतिशत हिस्से में दी गई है। इसमें से महापौर और अध्यक्ष निधि के रूप में 30 करोड़ 63 लाख 75 हजार रुपए तथा पार्षद निधि के रूप में 72 करोड़ 33 लाख 75 हजार रुपए जारी किए गए हैं।

🔹 महापौर निधि:

  • नगर निगमों को 10 करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपए

🔹 अध्यक्ष निधि:

  • नगर पालिकाओं को 10 करोड़ 50 लाख रुपए
  • नगर पंचायतों को 10 करोड़ 1 लाख 25 हजार रुपए

🔹 पार्षद निधि (50% प्रथम किस्त):

  • नगर निगमों को 21 करोड़ 96 लाख रुपए
  • नगर पालिकाओं को 23 करोड़ 37 लाख 75 हजार रुपए
  • नगर पंचायतों को 27 करोड़ रुपए

इस राशि का उपयोग शहरी क्षेत्रों में आवश्यक अधोसंरचना निर्माण, सड़कों की मरम्मत, जल आपूर्ति, स्वच्छता और अन्य विकास कार्यों में किया जाएगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

  • Related Posts

    CG: सदन में गूंजा 100 एकड़ का मामला, लेकिन बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला की विज्ञप्ति में ये बड़े सवाल गायब!

    बिलासपुर। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला द्वारा विधानसभा में उठाया गया जमीन फर्जीवाड़ा मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया है। विधायक ने नगर निगम, नगर एवं ग्राम निवेश (TCP) और राजस्व विभाग के अफसरों पर मिलीभगत का आरोप लगाया। करीब 100 एकड़ जमीन पर टुकड़ों में ले-आउट पास कराने और सेवाभूमि को EWS के नाम पर स्वीकृत करने की बात कही। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन में 50 शिकायतों की पुष्टि की और जांच कमेटी गठन का आश्वासन दिया।…

    Continue reading
    “संकल्प 2026: विकास का विज़न या वोट का समीकरण?”

    छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने जब 1.72 लाख करोड़ का बजट पेश किया, तो साफ था कि यह सिर्फ आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि राजनीतिक और आर्थिक दिशा तय करने वाला दस्तावेज है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह बजट “SANKALP” थीम के साथ आया है — यानी वादों को जमीन तक पहुंचाने का दावा। अब सीधे मुद्दे पर आते हैं — यह बजट छत्तीसगढ़ वासियों के लिए कितना फायदेमंद और कितना जोखिम भरा है?  किसान: सरकार का सबसे बड़ा दांव…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *