बिलासपुर: बिजौर में मिली एक मानव खोपड़ी

बिलासपुर: सरकण्डा थाना क्षेत्र में 12 मार्च को ग्राम बिजौर में गायत्री एन्क्लेव कॉलोनी के पास एक खाली प्लॉट में मानव खोपड़ी होने की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई. मौके पर पहुंची पुलिस टीम को गिट्टी के ढेर में आंशिक रूप से दबी हुई एक खोपड़ी मिली, जिसपर लंबे-काले बाल थे, जिसे सर्वप्रथम पड़ोस की एक महिला ने देखा था।

उक्त जानकारी देते हुए पुलिस ने मीडिया को बताया कि इस पर तत्काल मर्ग कायम कर जांच प्रारंभ की गयी तथा घटना के संबंध में आस-पड़ोस के लोगों, प्लॉट के मालिक के कथन लिए गए एवं CCTV फुटेज आदि का अवलोकन किया गया। FSL और डॉग टीम भी पहुँची थी ।

पुलिस ने बताया कि इस दौरान ग्राम बिजौर के ही एक व्यक्ति बिसाहू कुमार कौशिक द्वारा 11 मार्च को अपने किसी परिचित व्यक्ति के अंतिम संस्कार में मुक्तिधाम सरकण्डा गया हुआ था और वहीं से उसने यह खोपड़ी तंत्र-मंत्र पूजा करने के आशय से लाया था। इस कथन की पुष्टि प्रत्यक्षदर्शियों के कथन से भी हुई है। जिसे घर नहीं ले जाकर खाली प्लॉट में छुपाकर रख रहा था परन्तु रात के समय कुत्तों के भौंकने पर उस व्यक्ति ने खोपड़ी गमछे में लपेटकर गिट्टी में आंशिक रूप से दबा दिया। प्रकरण में और जाँच की जा रही है की कोई प्रकरण में किसी भी प्रकार के अपराध का होना नहीं पाया गया है।

सरकण्डा पुलिस द्वारा खोपड़ी को मुक्तिधाम से लाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक धाराओं में कार्यवाही की गई है।

  • Related Posts

    रिश्वतखोरी के आरोप: 70 हजार की मांग, 50 हजार लेते पकड़े गए रेंजर पल्लव नायक और डिप्टी रेंजर मनीष श्रीवास्तव

    50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए रेंजर पल्लव नायक और डिप्टी रेंजर मनीष श्रीवास्तव — एसीबी की बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप! बिलासपुर/मुंगेली | छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही एसीबी (आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) ने आज एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुंगेली जिले के अचानकमार टाइगर रिजर्व के सुरही रेंज में पदस्थ रेंजर और डिप्टी रेंजर को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। क्या है पूरा मामला? लोरमी निवासी अजीत कुमार वैष्णव ने एसीबी बिलासपुर में शिकायत…

    Continue reading
    बिलासपुर में 120 दिन से जंग जारी: “लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन” बना आम आदमी के हक और सम्मान की आवाज

    बिलासपुर: लिंगियाडीह में पिछले 120 दिनों से चल रहा अनिश्चितकालीन धरना अब सिर्फ एक स्थानीय विरोध नहीं, बल्कि अपने आशियाने, अधिकार और अस्तित्व को बचाने की ऐतिहासिक लड़ाई बन चुका है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के इस क्षेत्र में सैकड़ों परिवार बीते चार महीनों से सड़क पर डटे हुए हैं। ये लोग किसी राजनीतिक एजेंडे के तहत नहीं, बल्कि अपने घर-आंगन और जीवन भर की मेहनत से बनाए आशियाने को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।  “ये सिर्फ घर नहीं, हमारी पूरी जिंदगी है” आंदोलन में…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *