प्रणवम के मंच पर सारंगढ़ की चमक: यामी वैष्णव को ‘कला ललिता’, प्रीति-रुद्र वैष्णव को ‘गुरु श्रेष्ठ सम्मान’

बिलासपुर। छ: दिवसीय राष्ट्रीय नृत्य कला महोत्सव ‘प्रणवम 2026’ के मंच पर भारतीय शास्त्रीय कथक नृत्य की समृद्ध और गौरवशाली गुरु-शिष्य परंपरा का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने लखीराम ऑडिटोरियम में उपस्थित संगीतप्रेमियों और कला-गुणीजनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथक की नजाकत, भाव-भंगिमाओं और पांवों की थिरकन के साथ जब तबले की थाप गूंजी तो पूरा सभागार भारतीय शास्त्रीय नृत्य की अद्भुत आभा से सराबोर हो उठा।

राष्ट्रीय कला महोत्सव में मां वैष्णवी संगीत महाविद्यालय, रानीसागर सारंगढ़, रायगढ़ एवं शाखा रायगढ़ के कला साधकों ने कथक की प्रभावशाली प्रस्तुतियों से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। संस्था के गुरु एवं प्राचार्य एल.डी. वैष्णव तथा उप प्राचार्य प्रीति रुद्र वैष्णव के सानिध्य में विद्यार्थियों ने मंच पर अपनी कला-साधना की उत्कृष्ट छाप छोड़ी।

यामी वैष्णव को ‘कला ललिता’, मोक्षिता को राष्ट्रीय उत्कृष्ट सम्मान

महोत्सव के दौरान कथक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए यामी वैष्णव को ‘कला ललिता’ सम्मान से सम्मानित किया गया, जबकि मोक्षिता वशिष्ठ को ‘प्रणवम प्रतिभा राष्ट्रीय उत्कृष्ट सम्मान’ प्रदान किया गया। इन सम्मानों ने संस्था और गुरुजनों के साथ-साथ युवा कलाकारों के लिए भी गौरव का क्षण रचा।

कथक में प्रतिभाओं ने लहराया परचम

प्रतियोगिता में प्रथम स्थान आरात्रिका दीवान ने प्राप्त किया।
द्वितीय स्थान पर आदिश्री शर्मा, अक्षिता शर्मा एवं मेघा पटेल रहीं। ग्रुप कथक में स्वरा, तनीषा, कियाना और काशवी ने द्वितीय स्थान हासिल किया।

वहीं तृतीय स्थान पर आराध्या सिंह, दीपदेवांशी रथ और मिस्का देशमुख ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए स्थान बनाया।

मंच पर दिखी साधना की सामूहिक शक्ति

इन युवा कथक कलाकारों की प्रस्तुति में पढ़ंत की भूमिका स्वयं प्रीति वैष्णव ने निभाई। तबला संगत में कला गुरु पंडित सुनील वैष्णव एवं रुद्र वैष्णव ने अपनी प्रभावशाली संगत से प्रस्तुतियों को और समृद्ध किया। वहीं गायन एवं हारमोनियम वादन में रायपुर के लालाराम लुनिया का सधा हुआ साथ रहा।

इस सामूहिक प्रस्तुति ने यह साबित किया कि शास्त्रीय नृत्य केवल मंच पर कलाकार की प्रस्तुति नहीं, बल्कि गुरु, शिष्य, संगीत और साधना के सामंजस्य से जन्म लेने वाली कला-अभिव्यक्ति है।

गुरु श्रेष्ठ सम्मान से गुरुजनों का गौरव

राष्ट्रीय महोत्सव ‘प्रणवम’ बिलासपुर की ओर से गुरु-शिष्य परंपरा को सम्मान देते हुए गुरु प्रीति वैष्णव एवं गुरु रुद्र वैष्णव को ‘गुरु श्रेष्ठ सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके वर्षों की कला-साधना और नई पीढ़ी को शास्त्रीय नृत्य की परंपरा से जोड़ने के प्रयासों का सम्मान बना।

समारोह के समापन अवसर पर मां वैष्णवी संगीत महाविद्यालय के संस्था प्रमुख एवं प्राचार्य एल.डी. वैष्णव सहित सभी वरिष्ठ गुरुजनों ने कला साधकों और उभरते सितारों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए आशीर्वाद प्रदान किया।

प्रणवम 2026 का यह मंच केवल प्रतियोगिता का मंच नहीं रहा, बल्कि यहां कथक की परंपरा ने प्रतिभा का हाथ थामा और गुरु-शिष्य संबंध ने भारतीय शास्त्रीय कला की जीवंत विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया।

  • पंकज खण्डेलवाल

    Pankaj Khandelwal is the Founder & Principal Editor of News Hub Insight (NHI). He is an independent journalist with expertise in governance, education, public policy, civic issues and investigative reporting. His reporting is based on accuracy, public interest and responsible journalism. Every article published under his editorial supervision follows News Hub Insight's Editorial Policy, Fact Check Policy and Correction Policy.

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