डॉ. विनय कुमार पाठक के साहित्यिक विमर्श पर माहेश्वरी पटेल ने हासिल की पी-एच.डी., हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग ने प्रदान की उपाधि

‘समकालीन साहित्य में विभिन्न विमर्श’ पर किया शोध; डॉ. शंकर मुनी राय के निर्देशन में पूरी की शोधयात्रा

बिलासपुर। साहित्यकार एवं शिक्षाविद् डॉ. विनय कुमार पाठक के समकालीन साहित्य में विविध विमर्शों पर किए गए महत्वपूर्ण साहित्यिक योगदान को केंद्र में रखकर किया गया शोध अब पी-एच.डी. की उपाधि तक पहुंच गया है। माहेश्वरी पटेल को हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग (छत्तीसगढ़) ने हिंदी विषय में ‘डॉ. विनय कुमार पाठक के समकालीन साहित्य में विभिन्न विमर्श’ विषय पर शोध के लिए डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (Ph.D.) की उपाधि प्रदान की है।

विश्वविद्यालय द्वारा 25 अगस्त 2026 को जारी पी-एच.डी. अधिसूचना में शोधार्थी माहेश्वरी की थीसिस को परीक्षकों की रिपोर्ट तथा वाइवा-वोचे परीक्षा के बाद स्वीकार करते हुए उन्हें पी-एच.डी. उपाधि के लिए पात्र घोषित किया गया है।

माहेश्वरी पटेल ने यह शोध शासकीय दिग्विजय स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, राजनांदगांव के प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. शंकर मुनी राय के निर्देशन में पूरा किया। शोध का पंजीयन 1 अक्टूबर 2018 को हुआ था, जबकि शोध प्रबंध 6 अक्टूबर 2025 को जमा किया गया और वाइवा-वोचे 11 अगस्त 2026 को संपन्न हुआ।

डॉ. पाठक की साहित्य साधना बनी शोध का केंद्र

डॉ. विनय कुमार पाठक ने समकालीन हिंदी साहित्य में विभिन्न सामाजिक एवं साहित्यिक विमर्शों पर व्यापक लेखन किया है। उनके साहित्यिक योगदान को शोध का विषय बनाते हुए माहेश्वरी पटेल ने उनके लेखन में मौजूद विविध विमर्शों का अध्ययन किया।

डॉ. पाठक को इक्कीसवीं सदी के विकलांग-विमर्श के प्रवर्तक, किन्नर-आलोचना के शिखर तथा कृषक-विमर्श के प्रमाणिक प्रथम आलोचक के रूप में विशेष पहचान प्राप्त है। उनके साहित्यिक योगदान पर इससे पहले भी एक दर्जन से अधिक पी-एच.डी. शोध तथा एक डी.लिट. का कार्य हो चुका है।

शोध से साहित्यिक योगदान को मिला नया अकादमिक आयाम

माहेश्वरी पटेल की पी-एच.डी. को डॉ. विनय कुमार पाठक के साहित्यिक अवदान के अकादमिक अध्ययन की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। उनके शोध के माध्यम से समकालीन हिंदी साहित्य में उभरते विविध विमर्शों और डॉ. पाठक की रचनात्मक एवं आलोचनात्मक दृष्टि का व्यवस्थित अध्ययन सामने आया है।

वर्तमान में डॉ. माहेश्वरी पटेल अतिथि प्राध्यापक के रूप में कार्यरत हैं। पी-एच.डी. की उपाधि प्राप्त होने पर साहित्य एवं शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल अकादमिक भविष्य की कामना की है।

विश्वविद्यालय की अधिसूचना में दर्ज यह उपलब्धि न केवल माहेश्वरी पटेल की वर्षों की शोध-साधना की परिणति है, बल्कि डॉ. विनय कुमार पाठक के साहित्यिक अवदान को अकादमिक स्तर पर लगातार मिल रही मान्यता की एक और महत्वपूर्ण कड़ी भी है।

  • पंकज खण्डेलवाल

    Pankaj Khandelwal is the Founder & Principal Editor of News Hub Insight (NHI). He is an independent journalist with expertise in governance, education, public policy, civic issues and investigative reporting. His reporting is based on accuracy, public interest and responsible journalism. Every article published under his editorial supervision follows News Hub Insight's Editorial Policy, Fact Check Policy and Correction Policy.

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