बिलासपुर में ईंधन संकट से जूझते पत्रकार, कवरेज पर ब्रेक: मीडिया वाहनों को पेट्रोल-डीजल देने प्रेस क्लब ने उठाई आवाज

ईंधन संकट के बीच पत्रकारों के समर्थन में उतरा प्रदेश का सबसे बड़ा संगठन छत्तीसगढ़ प्रखर पत्रकार महासंघ, प्रेस क्लब की पहल को बताया सराहनीय

बिलासपुर। शहर में पेट्रोल और डीजल के लिए लग रही लंबी कतारों ने अब पत्रकारों की फील्ड रिपोर्टिंग पर भी असर डालना शुरू कर दिया है। लगातार बढ़ती भीड़ और घंटों इंतजार की वजह से मीडिया कर्मियों को समाचार संकलन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी गंभीर समस्या को लेकर बिलासपुर प्रेस क्लब ने गुरुवार को एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर पत्रकारों के लिए विशेष व्यवस्था की मांग की।

प्रेस क्लब अध्यक्ष अजित मिश्रा के नेतृत्व में गए प्रतिनिधिमंडल में उपाध्यक्ष विजय क्रांति तिवारी, सहसचिव हरिकिशन गंगवानी, कार्यकारिणी सदस्य कैलाश यादव, पूर्व अध्यक्ष वैद्य तिलकराज सलूजा, वीरेंद्र गहवई, वरिष्ठ पत्रकार गणेश विश्वकर्मा, दिलीप अग्रवाल तथा जफर आगा सहित कई मीडिया कर्मी शामिल रहे। ज्ञापन मनीष साहू को सौंपा गया।

ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान में ईरान-इजरायल संघर्ष के चलते वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका गहराने लगी है। इसका असर स्थानीय स्तर पर भी दिखाई दे रहा है, जहां शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ रही है और वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं।

प्रेस क्लब ने कहा कि ऐसी स्थिति में पत्रकारों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है, क्योंकि उन्हें हर परिस्थिति में शहर के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचकर जनता तक सही और त्वरित जानकारी पहुंचानी होती है। लेकिन ईंधन के लिए घंटों लाइन में लगने से कई महत्वपूर्ण घटनाओं और आपात स्थितियों की कवरेज प्रभावित हो रही है।

ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई कि पत्रकारिता को आवश्यक सेवा मानते हुए शहर के चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर मीडिया कर्मियों के लिए अलग लाइन बनाई जाए अथवा प्रेस कार्ड के आधार पर पत्रकारों को प्राथमिकता से पेट्रोल और डीजल उपलब्ध कराया जाए।

इधर, प्रदेश के सबसे बड़े पत्रकार संगठन छत्तीसगढ़ प्रखर पत्रकार महासंघ के पदाधिकारियों विनय मिश्रा और पंकज खंडेलवाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में पत्रकारों के लिए ऐसी व्यवस्था बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि मीडिया कर्मी दिन-रात जनता तक सही सूचना पहुंचाने का कार्य करते हैं, इसलिए प्रशासन को पत्रकारों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करना चाहिए।

प्रेस क्लब ने प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की मांग करते हुए कहा कि संकट के दौर में मीडिया की सक्रियता बनाए रखना जनहित के लिए बेहद जरूरी है।

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