बिलासपुर। नगरीय निकायों के उप चुनाव की घोषणा होते ही बिलासपुर का वार्ड क्रमांक 29 संजय गांधी नगर राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गया है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम जारी किए जाने के बाद शहर कांग्रेस ने इस परंपरागत कांग्रेस समर्थक वार्ड में पूरी ताकत झोंकने की तैयारी शुरू कर दी है। पूर्व पार्षद शेख असलम के निधन के बाद रिक्त हुई सीट पर होने वाले उपचुनाव को कांग्रेस प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देख रही है।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने प्रत्याशी चयन प्रक्रिया को “निष्पक्ष और व्यवस्थित” बताकर 11 सदस्यीय चयन समिति गठित की है। समिति को वार्ड समिति, बूथ कार्यकर्ताओं, स्थानीय नेताओं और आम जनता से फीडबैक लेकर तीन दिनों के भीतर संभावित प्रत्याशी का नाम या पैनल सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है।
हालांकि, समिति गठन के साथ ही राजनीतिक गलियारों में एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है — भरत कश्यप। वही भरत कश्यप, जिन पर अपने निवास/कार्यालय परिसर में नियम विरुद्ध दुकान निर्माण कराने के आरोप लग चुके हैं और जिनका नाम नगर निगम व स्मार्ट सिटी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों के बीच सुर्खियों में रहा है।
विशेष बात यह भी है कि वार्ड 29 लंबे समय से कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। ऐसे में पार्टी किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रही। यही वजह है कि प्रत्याशी चयन से पहले जमीनी सर्वे और जनमत को प्राथमिकता देने की रणनीति बनाई गई है।
वार्ड 29 संजय गांधी नगर उपचुनाव के लिए गठित 11 सदस्यीय समिति में शैलेश पांडे, रामशरण यादव, इंग्रीड मैकलाउड, राजेश पाण्डेय, विजय पाण्डेय, प्रमोद नायक, शेख नजीरुद्दीन, रविन्द्र सिंह, नरेंद्र बोलर, भरत कश्यप और तजम्मुल हक शामिल हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 11 मई से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। 18 मई तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे, 19 मई को जांच होगी तथा 21 मई तक नाम वापसी की जा सकेगी। मतदान 1 जून को और मतगणना 4 जून को होगी।















