विन्ध्याचल (उ.प्र.)। विश्रुत साहित्यकार, भाषाविद् एवं छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के प्राक्तन अध्यक्ष प्रो. विनयकुमार पाठक 24 फ़रवरी को माँ विन्ध्यवासिनी देवी मंदिर के दर्शन-पूजन हेतु विन्ध्याचल पहुँचे। उनके साथ रमेशचन्द्र श्रीवास्तव (साहित्यकार एवं Ex. I.S.S., बिलासपुर), कृष्णचन्द्र श्रीवास्तव (बालीपुर, ज्ञानपुर) एवं डॉ. गजेन्द्र तिवारी (प्राचार्य, बीएड कॉलेज, खोखरा जांजगीर) भी उपस्थित रहे।
माँ भगवती के विधिवत दर्शन-पूजन के पश्चात सभी अतिथि भगवान बूढ़ेनाथ मंदिर, गिरिजापुर (मिर्ज़ापुर) पहुँचे, जहाँ भगवान श्रीवृद्धेश्वरनाथ एवं भगवती गिरिजा का पूजन-अर्चन किया गया। परमपूज्य महन्त डॉ. योगानन्द गिरि जी महाराज के सान्निध्य में सम्पन्न इस आध्यात्मिक अनुष्ठान ने सभी को गहन शांति और ऊर्जा का अनुभव कराया।
दर्शन-पूजन के उपरांत अतिथियों ने अन्नपूर्णा प्रसादम् के शांत वातावरण में पारंपरिक बाटी-चोखा का प्रसाद ग्रहण किया। विन्ध्यधाम की दिव्य अनुभूतियों को हृदय में संजोए सभी अतिथि प्रसन्न मन से प्रस्थान किए।













