बिलासपुर: धार्मिक आयोजन में किसी भी प्रकार के अभद्र, फूहड़, अश्लील, फिल्मी गानों एवं नृत्य का प्रदर्शन न किया जाए, आयोजकों को एसपी रजनेश ने दिए स्पष्ट निर्देश

बिलासपुर, 29 सितंबर: पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बिलासा गुड़ी में नगर में आयोजित रास गरबा, जगराता, डांडिया और आगामी दशहरा त्योहार को लेकर आयोजकों और समितियों के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण मीटिंग आयोजित की। इस बैठक में उन्होंने उच्च न्यायालय और शासन प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार कार्यक्रमों के संचालन की दिशा में स्पष्ट निर्देश दिए।

एसपी रजनेश सिंह ने सभी आयोजकों को चेतावनी दी कि धार्मिक आयोजनों में किसी भी प्रकार के अभद्र, फूहड़ या अश्लील गानों और नृत्यों का प्रदर्शन नहीं होना चाहिए। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग भी निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार करने का निर्देश दिया गया।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन, चाहे वह लाइसेंसी क्यों न हो, पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। शराब या अन्य नशे की हालत में लोगों को कार्यक्रम में प्रवेश नहीं दिया जाएगा, और पूर्व में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों को वालंटियर्स के माध्यम से पहचानकर प्रवेश से रोका जाएगा।

अधिकारियों ने प्रत्येक समिति की जिम्मेदारी तय की कि वे यातायात को सुगम बनाए रखें, पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त रखें, और कार्यक्रम स्थल एवं पार्किंग में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करें। कार्यक्रम स्थल पर CCTV कैमरे लगाने और फोटोग्राफी एवं वीडियो ग्राफी कराने का भी निर्देश दिया गया।

एसपी ने यह भी कहा कि इमरजेंसी सेवाओं जैसे फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कार्यक्रम के दौरान किसी भी विवाद की स्थिति में तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचित किया जाए। आयोजकों को वालंटियर्स को अच्छे व्यवहार के लिए समझाने की सलाह दी गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आयोजकों द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया गया और इसके कारण कानून व्यवस्था में कोई समस्या उत्पन्न हुई, तो आयोजन समिति इसके लिए जिम्मेदार होगी।

यह बैठक आगामी त्योहारों के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

  • Related Posts

    बिलासपुर: खारंग में गूंजा वेद मंत्रों का स्वर, 28 बटुकों का सामूहिक उपनयन… प्रतिभाओं का हुआ भव्य सम्मान

    बिलासपुर। परंपरा, संस्कार और प्रतिभा का अद्भुत संगम उस वक्त देखने को मिला जब सरयूपारिण विप्र खारंग संघ द्वारा ग्राम नगोई (बेमा) में दो दिवसीय सामूहिक व्रतबंध संस्कार, वार्षिक सम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। 28 बटुकों के उपनयन संस्कार के साथ शुरू हुआ यह आयोजन पूरी तरह वैदिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। शोभायात्रा ने बढ़ाई भव्यता, समाज ने दिखाई एकजुटता संस्कार के पश्चात खारंग परिक्षेत्र के विभिन्न गांवों…

    Continue reading
    महावीर : अहिंसा और चेतना का अंतर-सभ्यतागत नैतिक प्रतिमा

    ✍ डॉ. भूपेन्द्र धर दीवान, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ ( त्वचाविज्ञान आधारित बहु-बुद्धिमत्ता परीक्षण विशेषज्ञ एवं मानसिकमाप परामर्शदाता ) यह लेख महावीर के दार्शनिक चिंतन को एक अंतर-सभ्यतागत नैतिक प्रतिमान के रूप में विश्लेषित करता है। इसमें वैदिक, उपनिषदिक, ब्राह्मणीय, जैन तथा आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टियों के बीच एक समन्वित और समालोचनात्मक वैचारिक ढाँचा निर्मित किया गया है। लेख यह प्रतिपादित करता है कि अहिंसा, चेतना और अनेकांतवाद केवल आध्यात्मिक मुक्ति के साधन नहीं हैं, बल्कि वे आधुनिक युग के नैतिक, पर्यावरणीय और मनोवैज्ञानिक संकटों के समाधान हेतु एक…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *