GPM: जनता जनार्दन का अपमान किया, साय सरकार ने, जब SP और कलेक्टर सुरक्षित नहीं हैं, तो जनता को कैसे संभालेंगे – शैलेश पांडेय

बलौदा बाज़ार में हुई घटना को लेकर आज गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ज़िले में ज़िला कांग्रेस कमेटी द्वारा एक दिवसीय धरने का आयोजन किया गया था, जिसमें मुख्य रूप से बिलासपुर के पूर्व विधायक शैलेश पांडेय प्रभारी के रूप में शामिल हुए। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशन पर यह आयोजन किया गया था। ज़िला अध्यक्ष उत्तम वासुदेव के नेतृत्व में ज़िले से सभी कांग्रेस कार्यकर्ता आज धरने में उपस्थित थे।

पूर्व विधायक शैलेश पांडेय ने आज बीजेपी की सरकार को आड़े हाथ लिया और प्रश्न किया कि जब ज़िले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सुरक्षित नहीं होते हैं, तो प्रदेश की जनता कैसे सुरक्षित होगी? दूसरा प्रश्न पूछा कि जब साय सरकार ने जांच कमेटी बना दी है, तो छत्तीसगढ़ की बीजेपी ने दूसरी जांच कमेटी क्यों बनाई, क्या बीजेपी को अपनी सरकार पर भरोसा नहीं रहा? तीसरा प्रश्न यह था कि सतनामी समाज को न्याय देने में क्यों नहीं समझदारी दिखाई गई, क्या इसमें कोई बीजेपी की अंतर्कलह है?

शैलेश ने कहा कि बलौदा बाज़ार की घटना शासन की बड़ी भूल या नाकामी थी, जो बाहर आ गई है। प्रदेश में क़ानून व्यवस्था के नाम पर सुशासन का झूठा ढोल पीटने वाली बीजेपी सरकार कैसे फेल हो गई। जनता जनार्दन का अपमान किया है बीजेपी की सरकार ने।

कार्यक्रम में ज़िला अध्यक्ष उत्तम वासुदेव ने कहा कि बीजेपी सरकार में भ्रष्टाचार फैला हुआ है और सतनामी समाज का अपमान किया गया है। धर्म की दुहाई देने वाली बीजेपी सरकार, धर्म का अनादर कर रही है। जिला कांग्रेस कमेटी के ज़िलाध्यक्ष उत्तम वासुदेव ने और कहा कि प्रदेश में क़ानून व्यवस्था ठप हो चुकी है, अराजकता क़ानून, प्रशासन व सरकार के लोग सांप्रदायिक सोहार्द को कुचलने में लगे हैं। देश के इतिहास में पहली घटना है जहां कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक कार्यालय जला दिए गये, घटना बहुत शर्मनाक है, परंतु इस घटना के पीछे जो सुनियोजित ढंग से किसके इशारे में हुई? ख़ाना की व्यवस्था किसने कराई, 250 लोग नागपुर से कैसे आ गये? 25000 भीड़ की टेंट की व्यवस्था किसने की? ये सरकार की असफलता है। सरकार को नैतिक जवाबदेही लेते हुए इस्तीफ़ा देना चाहिये। साथ ही जिले के स्थानीय मुद्दे में भी प्रशासन को चेताया कि जिस तरह से रेत में प्रतिदिन ट्रैक्टर को पकड़ा जा रहा है, जिले में खदान नहीं है ऐसी स्थिति में व्यवस्था बनाई जाये जिससे सरकारी कार्य व निजी कार्य बंद ना हो, अन्यथा सभी कार्य बंद कराये जाये। इसका समुचित रास्ता जिला प्रशासन निकाले। साथ ही क्षेत्र में बिजली व्यवस्था ठप है, लोग परेशान और बेहाल हैं परन्तु प्रशासन सुध नहीं ले रहा है। एक सप्ताह में बिजली व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो आंदोलन किया जायेगा।

कार्यक्रम में शैलेश पांडेय, उत्तम वासुदेव, के के ध्रुव, मनोज गुप्ता, राकेश जालान, प्रशांत श्रीवास, अमोल पाठक, बेचू अहिरेष, अर्चना पोरते, शंकर कँवर, अजय राय, राकेश मसीह बँका, रमेश साहू, गजमती भानु, ममता पैकारा, राकेश मसीह, पुष्पराज ठाकुर, पवन केशरवानी, रियांश सोनी, संतोष ठाकुर, विशाल उरेती, भोला नायक, बाला प्रसाद कश्यप, गुलाब सिंग राज, मुद्रिका सर्राती, मालती वकरे, प्रेमवती कोल, शंकुन्तला रजक, अर्चन पोरते, सिया यादव, अमन शर्मा, यश शर्मा, अनमोल, अजय राय, निलेश साहू, नीरज साहू, बिट्टू बाजपेयी और बड़ी संख्या में कांग्रेस के ज़िले के पदाधिकारी और ब्लॉक के पदाधिकारी एवं महिला कांग्रेस, युवक कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

  • Related Posts

    21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: बिलासपुर में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू होंगे मुख्य अतिथि

    योग दिवस पर छत्तीसगढ़ सरकार ने जारी की वीआईपी सूची, सभी जिलों के लिए अतिथि तय CG। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2026 के अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले योग कार्यक्रमों के लिए मुख्य अतिथियों की सूची जारी कर दी है। शासन द्वारा जारी आदेश में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायकों को विभिन्न जिलों में मुख्य अतिथि के रूप में नामांकित किया गया है। जारी आदेश के अनुसार बिलासपुर जिले में…

    Continue reading
    छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: प्रमोन्नति वेतनमान योजना बंद, अब मिलेगा समयमान वेतनमान का विकल्प

    31 मार्च 2026 के बाद बदलेगा सरकारी कर्मचारियों का वेतन ढांचा, कर्मचारियों को चुनना होगा एक विकल्प छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ शासन ने सरकारी कर्मचारियों के वेतन एवं पदोन्नति से जुड़ी व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा संचालित कई प्रमोन्नति वेतनमान योजनाओं को समाप्त करने का निर्णय लिया है। शासन के नवीन आदेश के अनुसार अब इन योजनाओं को वित्त विभाग की समयमान वेतनमान योजना में समाहित किया जाएगा। सरकार द्वारा जारी आदेश के मुताबिक शिक्षकों, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों, उपअभियंताओं तथा वन…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *