“दानवीर अमरनाथ साव जी का व्यक्तित्व और कृतित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत” — न्यायमूर्ति चंद्रभूषण वाजपेयी
राष्ट्रीय संगोष्ठी, भव्य स्मारिका विमोचन और दो प्रतिष्ठित हस्तियों को मिलेगा ‘दानवीर सम्मान’
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ की धरती पर समाजसेवा, परोपकार और दानशीलता की मिसाल रहे सुप्रसिद्ध दानवीर अमरनाथ साव जी की जयंती शताब्दी समारोह को इस वर्ष दिसंबर माह में ऐतिहासिक और भव्य रूप में मनाने का संकल्प लिया गया है। इस महा-आयोजन की आधिकारिक रूपरेखा तय करने के लिए शहर के प्रबुद्ध जनों, साहित्यकारों और विशिष्ट अतिथियों की एक उच्च-स्तरीय बैठक शिवप्रताप साव के जूना बिलासपुर स्थित निज निवास पर संपन्न हुई।
दिग्गजों की गरिमामयी उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी शिवप्रताप साव ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं थावे विद्यापीठ, गोपालगंज (बिहार) के कुलपति डाॅ. विनय कुमार पाठक ने शिरकत की, जबकि अति विशिष्ट अतिथि के रूप में न्यायमूर्ति चन्द्रभूषण वाजपेयी जी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
शताब्दी समारोह के मुख्य आकर्षण
मुख्य अतिथि डाॅ. विनय कुमार पाठक ने आगामी दिसंबर माह में होने वाले इस भव्य आयोजन की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए बताया:
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राष्ट्रीय संगोष्ठी: दानवीर अमरनाथ साव के जीवन-दर्शन, उनके बहुमुखी व्यक्तित्व और कृतित्व पर एक राष्ट्रीय स्तर की भव्य संगोष्ठी आयोजित होगी, जिसमें देश-प्रदेश के नामी विद्वान शामिल होंगे।
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स्मारिका का प्रकाशन: साव जी के जीवन और कार्यों के संस्मरणों को सहेजने के लिए एक उच्च-स्तरीय स्मारिका (Souvenir) का प्रकाशन किया जाएगा।
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विशेष ‘दानवीर सम्मान’: समाज सेवा और साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले दो प्रतिष्ठित मनीषियों/साहित्यकारों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
सामूहिक सहभागिता की अपील
अध्यक्षीय उद्बोधन में शिवप्रताप साव ने इस वृहद आयोजन को सफल बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का ब्यौरा दिया और शहर के सभी साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों और संगठनों से इस महायज्ञ में पूर्ण सहयोग देने का आह्वान किया। बैठक में उपस्थित अन्य विशिष्ट वक्ताओं ने भी अपने प्रेरणादायी विचार रखे।
ये गणमान्य लोग रहे मौजूद
बैठक में नगर के कई प्रतिष्ठित और जाने-माने चेहरे शामिल हुए, जिनमें प्रमुख रूप से:
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डाॅ. रमेश चन्द्र श्रीवास्तव, डाॅ. राघवेन्द्र कुमार दुबे, डाॅ. शत्रुघन जेसवानी, डाॅ. आभा गुप्ता, डाॅ. विवेक तिवारी, डाॅ. अंकुर शुक्ला
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राजेश सोनार, अनिरुद्ध परिहार, सनत तिवारी, श्रीमती रश्मि लता मिश्रा, विष्णु कुमार तिवारी, अवनीश साव, ध्रुव देवांगन सहित तमाम साहित्यकार, प्रबुद्ध जन और समारोह समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में मनमोहक और ऊर्जावान संचालन के बाद अनिरुद्ध परिहार ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
अब बिलासपुर देखेगा एक ऐसा महाकुंभ, जहाँ दानवीर अमरनाथ साव की परोपकारी गाथा को राष्ट्रीय मंच पर दी जाएगी एक नई पहचान! दिसंबर माह का यह आयोजन शहर के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।







