बिलासपुर: कबाड़ी जावेद मेमन के दुकान में भी पुलिस ने मारा छापा

  1. सिटी कोतवाली के बगल में ही कबाड़ियों का धंधा—

अब पूछता है शहर: पुलिस सो रही थी क्या?

बिलासपुर। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में पुलिस ने खपरगंज में कबाड़ी दुकानों की जांच की। यह इलाका थाने से महज़ वॉकिंग डिस्टेंस पर है। सवाल यह कि —
– इतनी नज़दीक अवैध कबाड़ कारोबार चल रहा था, और पुलिस को पता नहीं था?

पुलिस जांच में जावेद मेमन, अकबर कुरैशी, मधु विश्वकर्मा, अक्षय कुमार गुप्ता एवं हुसैन सैफी की दुकानों से कोई संदिग्ध सामान नहीं मिला।

लेकिन—दिनेश साहू (उम्र 54, निवासी खपरगंज) की दुकान से 210 किलो लोहे की रॉड और 2 लोहे के दरवाजे बरामद किए गए।
-कुल वजन: 250 किलो
– अनुमानित कीमत: ₹6,230

दस्तावेज़ पेश न कर पाने पर धारा 35(1-4) BNNSS / 303(2) BNS के तहत कबाड़ को ज़ब्त किया गया।

 कबाड़ की दुकानें थाने के पास… फिर भी चोरी के सामान की आशंका?

शहर में चर्चा तेज—
– क्या थाने के पास ही ऐसा कारोबार लंबे समय से फल-फूल रहा था?

– क्या पुलिस को इसकी भनक नहीं थी, या जानबूझकर आंखें मूंदी गई थीं?
-सिर्फ एक दिन की जांच से कबाड़ बरामद हो गया — तो पहले कार्रवाई क्यों नहीं?

चोरी का माल खरीदने-बेचने से बचने की हिदायत — पर सवाल अनगिनत

पुलिस ने दुकानदारों को चेतावनी तो दी —
पर सवाल वहीं खड़े हैं:
-क्या यह कार्रवाई दिखावटी है?
-कबाड़ कहां से आता है, किसके संरक्षण में उठता-बैठता है?
-क्या बड़े नेटवर्क की जांच होगी?

बड़े सवाल:

-थाने के पड़ोस में कबाड़ का संदिग्ध कारोबार!
-पहले क्यों नहीं हुई सघन जांच?
-क्या यह पूरा रैकेट है?
-क्या अब पुलिस सिर्फ खानापूर्ति कर रही है?

 जवाब मांगेगी जनता

रिपोर्ट साफ कहती है—

थाने के नाक के नीचे संदिग्ध कारोबार चलता रहा—और पुलिस अनजान!

अब देखना है—
-पुलिस सिर्फ ज़ब्ती तक बात रोकेगी
या
– पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करेगी?

  • Related Posts

    बिलासपुर: SSP रजनेश सिंह की सख़्ती भी नहीं रोक पा रही स्टंटबाज़ों की सनक

    बिलासपुर की सड़कों पर पिछले कुछ महीनों से जिस तरह का खतरनाक ट्रेंड देखने को मिल रहा है, वह सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि सामाजिक गैर-जिम्मेदारी की पराकाष्ठा है। पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है—पाँच महीनों में 14 मामले दर्ज, 33 वाहन जब्त, 72 आरोपी गिरफ्तार। लेकिन सवाल यह है कि आखिर स्टंटबाज़ों पर यह कड़ी कार्रवाई भी असरदार क्यों नहीं हो रही? सड़कें रेस ट्रैक नहीं हैं, और न ही खुलेआम बर्थडे सेलिब्रेशन का मंच। फिर भी कुछ युवा सोशल मीडिया की चकाचौंध और…

    Continue reading
    छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस पर उसलापुर में महका ‘व्यंजन मेला’, छात्रों ने परोसी संस्कृति की सुगंध

    बिलासपुर: महाराणा प्रताप महाविद्यालय उस्लापुर में छत्तीसगढ़ राजभाषा दिवस के मौके पर पारंपरिक स्वाद और संस्कृति की अनोखी महक बिखेरते हुए छत्तीसगढ़ी व्यंजन मेला धूमधाम से आयोजित किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ शिवाजी राव शिक्षण समिति के अध्यक्ष डॉ. बी.एल. गोयल और प्राचार्य डॉ. अनिता सिंह ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। उद्घाटन के बाद विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ी भाषा के महत्व, उसकी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और स्थानीय बोलियों की प्रतिष्ठा के बारे में अवगत कराया गया। मेले में छात्रों ने फरा, चौसेला, चीला, धुस्का, भजिया जैसे पारंपरिक व्यंजनों…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *