कोटा में सजा साहित्य का महाकुंभ: 3 पुस्तकों का विमोचन, 9 सम्मान, सैकड़ों साहित्यकारों की गरिमामयी उपस्थिति

कोटा। नगर में साहित्य का भव्य उत्सव उस समय देखने को मिला जब सर्वोदय साहित्य कला मंच कोटा का वार्षिकोत्सव समारोह साहू धर्मशाला, कोटा में धूमधाम से संपन्न हुआ। प्रदेशभर से आए सैकड़ों साहित्यकारों, कवियों और साहित्यप्रेमियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।

कार्यक्रम का सफल आयोजन समिति की संस्थापक अध्यक्ष श्रीमती सोमप्रभा तिवारी ‘नूर’ के कुशल नेतृत्व में हुआ, जबकि युवा साहित्यसेवी श्रीमती ज्योति जैन (पत्नी सचिन जैन) का विशेष सहयोग उल्लेखनीय रहा। समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के रसखान कहे जाने वाले वरिष्ठ गीतकार जनाब मीर अली मीर ने की।

दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ

अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ।

  • श्रीमती रीना गुप्ता ने सरस्वती वंदना से वातावरण को भक्तिमय बनाया।
  • सुश्री अर्चना प्रजापति ने राजगीत की प्रस्तुति दी।
  • संचालन की बागडोर श्री सत्यप्रकाश मानिकपुरी एवं श्रीमती ज्योति श्रीवास ने संभाली।
  • 3 पुस्तकों का भव्य विमोचन

समारोह में साहित्य की तीन महत्वपूर्ण कृतियों का लोकार्पण किया गया—

  1. ‘सर्वोदय साझा संकलन 2026’ (संपादक: श्रीमती सोमप्रभा तिवारी ‘नूर’)
  2. ‘मेरे अल्फाज़’ – श्री ब्रजेश श्रीवास्तव
  3. ‘खुशी के गीत’ – श्री चंद्र प्रकाश साहू

इन पुस्तकों के विमोचन के साथ ही मंच ने नवोदित और वरिष्ठ रचनाकारों को एक साझा मंच प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

9 सम्मान, 7 विभूतियाँ और 2 संगठन हुए अलंकृत

समिति द्वारा साहित्य, समाजसेवा और सांस्कृतिक योगदान के लिए कुल 9 सम्मान प्रदान किए गए—

  • सर्वोदय संस्कृति सम्मान – श्री विजय कुमार गुप्ता (रतनपुर)
  • सर्वोदय साहित्य साधक सम्मान – सुश्री साधना मिश्रा (प्रयागराज)
  • सर्वोदय रक्तवीर सम्मान – श्री कमलेश यादव धाकड़ (कुम्हारी बरमकेला)
  • सर्वोदय स्वर साधक सम्मान – श्री विष्णु गुप्ता (कोटा)
  • सर्वोदय गौरव सम्मान – श्रीमती ज्योति श्रीवास (कलारतराई, कोटा)
  • सर्वोदय संस्कृति सम्मान – अंगना के गोठ
  • सर्वोदय संगठन सम्मान – छन्दशाला साहित्य समिति
  • सर्वोदय ज्योतिर्विद सम्मान – श्री देवेन्द्र शर्मा पुष्प (स्व. सुंदर लाल गुप्ता की स्मृति में)
  • सर्वोदय कर्म ही पूजा सम्मान – श्री नवल किशोर अग्रवाल (स्व. बंशीलाल तिवारी की स्मृति में)

काव्यपाठ प्रतियोगिता: रात 8 बजे तक गूंजती रही कविताएँ

प्रदेशभर से आए कवियों ने काव्यपाठ प्रतियोगिता में अपनी दमदार प्रस्तुति से श्रोताओं का मन मोह लिया।

विजेता रहे—
– जोहन भार्गव (शहडोल)
– श्रीमती कविता जैन (कोरबा)
– जनक राम साहू (रतनपुर)

विशिष्ट उपस्थिति से बढ़ी गरिमा

कार्यक्रम में प्रदेश के अनेक वरिष्ठ साहित्यकार, पत्रकार, समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। विशेष रूप से संरक्षकगण, विभिन्न साहित्य समितियों के अध्यक्ष, प्रादेशिक पत्रकार संघ के पदाधिकारी और नगर के जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने आयोजन को और भी गरिमामयी बना दिया।

समिति का संकल्प

अंत में आभार प्रदर्शन करते हुए अध्यक्ष श्रीमती सोमप्रभा तिवारी ‘नूर’ ने कहा कि मंच अपनी स्थापना काल से ही साहित्य और कला के सर्वोदयी विकास के लिए कृतसंकल्पित है तथा भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से क्षेत्र में रचनात्मक चेतना का विस्तार करता रहेगा।

कोटा का यह आयोजन केवल एक वार्षिकोत्सव नहीं, बल्कि साहित्यिक एकता, सांस्कृतिक समन्वय और सामाजिक प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा।

सचमुच, कोटा ने साबित कर दिया—जहाँ शब्दों का सम्मान होता है, वहाँ संस्कृति की ज्योति कभी मंद नहीं पड़ती।

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