बिलासपुर, 15 फरवरी 2026। शहर की साहित्यिक धरती उस समय भाव-विभोर हो उठी जब जे पी वर्मा शासकीय महाविद्यालय के सभागार में राष्ट्रीय कवि संगम मंच बिलासपुर, प्रयास प्रकाशन साहित्य अकादमी एवं महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में पुस्तक विमोचन, पर्यावरण विमर्श और बसंतोत्सव काव्य गोष्ठी का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन, माल्यार्पण एवं सरस्वती वंदना से हुई।
“राष्ट्र धर्म ध्वज वाहक” का भव्य लोकार्पण
वरिष्ठ साहित्यकार अंजनी कुमार तिवारी ‘सुधाकर’ की पंद्रहवीं कृति “राष्ट्र धर्म ध्वज वाहक” का विधिवत लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया। यह कृति राष्ट्रनायकों को समर्पित काव्यांजलि एवं राष्ट्र चिंतन का गंभीर दस्तावेज है। समीक्षकों ने इसे शोधपरक एवं राष्ट्रधर्म की भावना को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करने वाली पुस्तक बताया।
कुलपति आचार्य ए.डी.एन. वाजपेई को “गुरु वशिष्ठ सम्मान”
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अरुण दिवाकर नाथ वाजपेई, कुलपति अटल बिहारी वाजपेयी विश्व विद्यालय को “गुरु वशिष्ठ सम्मान” से सम्मानित किया गया।
अपने एकल काव्यपाठ में उन्होंने घाना प्रवास के दौरान रचित अपनी काव्यकृति “मैं तुम्हारे साथ हूँ, मैं तुम्हारे पास हूँ” से दांपत्य जीवन के रहस्यों को श्रृंगार से भक्ति रस तक भावपूर्ण अंदाज में प्रस्तुत कर सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया।
अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि बिलासपुर की साहित्यिक आबोहवा में कला और साहित्य को निकट से जीने का अवसर मिला है। उन्होंने अंजनी कुमार तिवारी ‘सुधाकर’ के सतत सृजन एवं राष्ट्र चिंतन की सराहना की।
पर्यावरण चिंतन और हरित ऊर्जा पर जोर
विशिष्ट अतिथि के रूप में बरेली (उ.प्र.) से पधारे प्रख्यात साहित्यकार आचार्य देवेंद्र देव ने अपनी ओजस्वी कविताओं से श्रोताओं का मन मोह लिया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा स्रोतों के विकास की आवश्यकता पर बल दिया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. श्याम लाल निराला ने “एक वृक्ष माँ के नाम” अभियान को लोकप्रिय बनाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति विद्यार्थियों को प्रेरित करने की बात कही।
राष्ट्रीय साहित्यिक संस्कार का संदेश
राष्ट्रीय कवि संगम मंच भारत के राष्ट्रीय महामंत्री महेश शर्मा ने मंच के उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी में साहित्यिक संस्कार और राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत करना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग व कुलपति, थावे विद्यापीठ गोपालगंज डाॅ. विनय कुमार पाठक ने कहा कि कुलपति वाजपेई के नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने शिक्षा और साहित्य दोनों क्षेत्रों में विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने लोकार्पित पुस्तक को राष्ट्रधर्म और भारत के लोकनायकों को समझने के लिए उपयोगी ग्रंथ बताया।
साहित्य, कला और शिक्षा के क्षेत्र में सम्मान
कार्यक्रम में कला, पुरातत्व, लोककला और साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले रचनाकारों एवं समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ी सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और जन्मदिन शुभकामना गीत की प्रस्तुति ने आयोजन को सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया।
बसंतोत्सव काव्य गोष्ठी में काव्य वर्षा
द्वितीय खंड में आयोजित बसंतोत्सव काव्य गोष्ठी में प्रदेश भर से आए कवि-कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता सम्मान पत्र प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन डाॅ. राघवेन्द्र दुबे एवं बालमुकुंद श्रीवास ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन अंजनी कुमार तिवारी ‘सुधाकर’ एवं पूर्णिमा तिवारी द्वारा किया गया।
साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रचिंतन के त्रिवेणी संगम से सजा यह आयोजन बिलासपुर को पुनः “साहित्यधानी” होने का गर्व दिला गया।















