प्रयास प्रकाशन साहित्य अकादमी एवं छत्तीसगढ़ी राजभाषा परिषद का आयोजन
बिलासपुर। प्रयास प्रकाशन साहित्य अकादमी एवं छत्तीसगढ़ी राजभाषा परिषद् द्वारा आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार और समीक्षक डॉ. विनोद कुमार वर्मा का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि डॉ. विनय कुमार पाठक (पूर्व अध्यक्ष—छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति—थावे विद्यापीठ, गोपालगंज, बिहार) उपस्थित रहे।
डॉ. वर्मा को शाल, श्रीफल एवं मोमेंटो भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सामूहिक गायन भी किया गया।
मुख्य अतिथि डॉ. पाठक ने कहा कि डॉ. वर्मा की चर्चित कहानी “मछुआरे की लड़की” को बस्तर विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि डॉ. वर्मा द्वारा रचित छत्तीसगढ़ी व्याकरण एवं छत्तीसगढ़—छत्तीसगढ़ी से जुड़े विशद विवेचन वाली कृतियाँ प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही हैं।
परिषद के अध्यक्ष डॉ. विवेक तिवारी ने डॉ. वर्मा के बहुआयामी साहित्य-सर्जन और छत्तीसगढ़ी साहित्य के संवर्धन पर प्रकाश डालते हुए शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम में रमेश चन्द्र श्रीवास्तव, डॉ. विवेक तिवारी, गजेन्द्र तिवारी, बसंती वर्मा, राहुल वर्मा, श्वेता कश्यप, डॉ. अंकुर शुक्ला, विष्णु कुमार तिवारी, शीतल प्रसाद पाटनवार, राम निहोरा राजपूत, डॉ. मंतराम यादव, राजेश सोनार, के.के. दुबे, अंजनी कुमार तिवारी, सुधाकर आदि गणमान्य उपस्थित रहे और अपने विचार व्यक्त करते हुए डॉ. वर्मा को शुभकामनाएँ दीं।















