बिलासपुर: श्री प्रेम सेवा परिवार द्वारा विश्व विख्यात कथावाचक जया किशोरी की मायरा कथा एवं भजन का आयोजन 9 से 11 जनवरी तक मिनोचा कॉलोनी में किया जा रहा है। आयोजन को लेकर जहां एक ओर श्रद्धालुओं में उत्साह है, वहीं दूसरी ओर आयोजकों की लापरवाही और नियमों की अनदेखी अब सवालों के घेरे में है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आयोजकों ने बिना किसी प्रशासनिक या यातायात अनुमति के एक प्रमुख सड़क को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है, ताकि उसी मार्ग से वीवीआईपी की एंट्री कराई जा सके। यह सड़क न केवल आम नागरिकों के आवागमन का मुख्य मार्ग है, बल्कि इसी रोड पर एक अस्पताल भी स्थित है, जिससे आपातकालीन सेवाओं पर सीधा खतरा उत्पन्न हो गया है।
जब हमारी टीम ने इस संबंध में यातायात विभाग के अधिकारी से बात की, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस सड़क को बंद करने की कोई अनुमति विभाग द्वारा नहीं दी गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि
-किसके आदेश पर सड़क अवरुद्ध की गई?
-क्या धार्मिक आयोजन के नाम पर कानून को ताक पर रखा जा सकता है?
अगर अस्पताल में किसी मरीज को आपात स्थिति में समय पर इलाज नहीं मिल पाया तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
शहर में लगातार यह संदेश दिया जाता रहा है कि कानून सभी के लिए समान है, लेकिन यहां नियमों को ताक पर रखकर वीवीआईपी संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है। आम जनता को जाम में फंसाकर, मरीजों की जान जोखिम में डालकर किया गया यह आयोजन प्रशासनिक उदासीनता और आयोजकों की मनमानी का उदाहरण बनता जा रहा है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर क्या कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला भी रसूख और प्रभाव के दबाव में दबा दिया जाएगा।















