- बिलासपुर। थाना सरकंडा पुलिस ने चार युवकों — आर्यन सिंह ठाकुर, तन्मय सिंह ठाकुर, मिहिर दुबे और दिपांशु श्रीवास — पर खतरनाक बाइक राइडिंग और स्टंट करने के आरोप में धारा 281 BNS, 189 व 184 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया है। कागजों में कार्रवाई हो गई, लेकिन सवाल यह है कि यह कार्रवाई उस समय क्यों नहीं हुई जब ये युवक खुलेआम सड़कों पर मौत से खेल रहे थे?
- सरकंडा की गलियों और मुख्य मार्गों पर आए दिन कुछ युवक हेलमेट के बिना, सिलेंसर फाड़कर और हैंडल उठाकर बाइकें दौड़ाते हैं। इनकी स्पीड देखकर लगता है मानो पुलिस का इनमें कोई ख़ौफ़ नहीं है और कानून किसी कोने में सो रहा हो। पुलिस की गश्त वहीं दिखती है जहाँ फोटो खिंचवाने हों, लेकिन जहां कार्रवाई जरूरी है, वहां “आंख मूंद” नीति अपनाई जाती है।
- अब जब वीडियो वायरल हो गया या किसी ने शिकायत कर दी, तो फौरन एफआईआर का दिखावा कर दिया गया। सवाल यह है कि जब ये युवक सड़कों पर स्टंट कर रहे थे, तब पुलिस कहाँ थी? क्या हर बार जनता ही वीडियो बनाएगी और पुलिस को याद दिलाएगी कि कानून तोड़ने वालों पर कार्रवाई करनी है?
- यह घटना सिर्फ चार युवकों की नहीं, बल्कि पुलिस की ढीली कार्यप्रणाली का आईना है। सरकंडा में पुलिस अगर वाकई यातायात व्यवस्था को लेकर गंभीर होती, तो ऐसे खतरनाक स्टंट कभी सड़कों पर न होते। लेकिन अफसोस, हमारी पुलिस घटना के बाद फोटो सेशन में ज्यादा सक्रिय दिखती है।
- अब जरूरत है कि सिर्फ मामला दर्ज करने से आगे बढ़कर, पुलिस इन पर कठोर कार्रवाई करे — लाइसेंस निलंबन, बाइक जब्ती, और अभिभावकों पर जवाबदेही तय की जाए। वरना कल कोई निर्दोष नागरिक इनकी रफ्तार की भेंट चढ़ेगा और पुलिस फिर वही पुराना बयान देगी — “जांच जारी है।”
इन पर कब होगी कार्रवाई? — पूछता है न्यूज़ हब इनसाइट
-बिल्डरों को सरकारी ज़मीन से नियम विरुद्ध रास्ता देने वाले बदमाश राजस्व अधिकारी शेषनारायण जायसवाल और शशिभूषण सोनी पर कब होगी कार्रवाई?*
*-दिव्यांग-फ्रेंडली फुटपाथ पर कब्जा करने वाले नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप पर कब होगी कार्रवाई?*
*स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत निगम अधिकारी प्रवीण शुक्ला की शह पर भ्रष्टाचार की सड़क बनाने वाले और षड्यंत्रपूर्वक एफडीआर की फोटो कॉपी जमा करने वाले ठेकेदार कमल सिंह ठाकुर पर कब होगी कार्रवाई?*















