बिलासपुर। सागा लेआउट स्थित शुभम विहार परिसर के ओंकारेश्वर महादेव मंदिर में नवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर शास्त्रीय संगीत एवं भजन संध्या का भव्य आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या ने भाग लेकर भक्ति रस में डूबकर कार्यक्रम का आनंद लिया।
मंदिर के संस्थापक अध्यक्ष एवं पूर्व आई.एस.एस. डॉ. रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि सनातन धर्म में संगीत, नृत्य, भजन और साहित्य के माध्यम से परम ब्रह्म की साधना की परंपरा निरंतर चली आ रही है। उन्होंने बताया कि जब संगीत भावपूर्ण होकर विभिन्न रागों के साथ भजन के रूप में अभिव्यक्त होता है, तब भक्त को ब्रह्मानंद की अनुभूति होती है।
उन्होंने यह भी बताया कि ओंकारेश्वर महादेव मंदिर द्वारा प्रतिवर्ष शिक्षा, कला, साहित्य, चिकित्सा, समाज सेवा, लोक संस्कृति एवं राष्ट्रीय और सनातन पर्वों के अवसर पर विविध आयोजन किए जाते हैं, जिससे समाज में सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक जागरूकता का प्रसार होता है।
नवरात्रि के इस विशेष अवसर पर आयोजित शास्त्रीय भजन संध्या में कलाकारों की प्रस्तुति ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा मंदिर परिसर भक्ति और संगीत की मधुर ध्वनियों से गूंज उठा, जिससे वातावरण अत्यंत आध्यात्मिक हो गया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से डॉ. गजेंद्र तिवारी, डॉ. भूपेंद्र दीवान, डॉ. विष्णु तिवारी, मंदिर के प्रशासनिक कोषाध्यक्ष शंकर गेंदले, मोहन शर्मा, विनोद अतकुरवार, राकेश शिवहरे, दिलीप मरकाम, श्रीमती सोनिया गेंदले, ऊषा श्रीवास्तव, रीना झा, दीपाली बाजपेई, दयामती अवस्थी, मंजू कश्यप, ममता शिवहरे, राखी पांडेय, सकुन पोगाटे एवं कायस्थ समाज के नवनिर्वाचित अध्यक्ष आलोक वर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं श्रोता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।















