“वोट चोरी से हुई जीत! — विजय केशरवानी ने बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला पर भी साधा निशाना”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्थानीय नेताओं की अनुपस्थिति ने बढ़ाई हलचल!
बिलासपुर/ बेलतरा विधानसभा चुनाव एक बार फिर सुर्खियों में है। जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) अध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी विजय केशरवानी ने आज होटल सिल्वर ओक में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि —
“भाजपा ने चुनाव आयोग से मिलीभगत कर बेलतरा विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर वोट चोरी (Electoral Fraud) को अंजाम दिया। कांग्रेस की जीत छीनी गई, और मतदाता सूची में योजनाबद्ध हेराफेरी कर भाजपा प्रत्याशी को विजयी घोषित कराया गया।”
केशरवानी, जिन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के सुशांत शुक्ला के खिलाफ बेलतरा सीट से चुनाव लड़ा था, ने कहा कि अब उनके पास ऐसे ठोस सबूत हैं जो “वोट चोरी की साजिश” को उजागर करते हैं।
जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य : विजय
– 51 मतदाता 100 वर्ष से अधिक आयु वाले पाए गए, जिनमें 7 की मृत्यु हो चुकी है लेकिन नाम अब भी सूची में मौजूद।
– 40 ऐसे मतदाता, जो वर्षों से उसी क्षेत्र में रह रहे हैं, उनके नाम को “स्थानांतरित” दिखाकर मतदाता सूची से डिलीट कर दिया गया।
– 8 मतदाताओं के नाम दो से तीन बूथों में दर्ज पाए गए।
– 10 मतदाताओं की जानकारी अधूरी या संदिग्ध, जैसे “आ-धीवर”, “आ-चौहान” आदि।
– कोनी क्षेत्र के बूथ क्रमांक 135 में 490 गलत मकान नंबर, जिनमें से 31 मतदाताओं का मकान नंबर शून्य (0) अंकित।
– सबसे चौंकाने वाला मामला:
मतदाता राधेलाल खरे (74 वर्ष, ग्राम गतौरी) को चुनाव आयोग ने “मृत” घोषित कर डिलीट कर दिया, जबकि वे जीवित और स्वस्थ हैं।
केशरवानी का आरोप — “भाजपा ने कांग्रेस की जीत चुराई, यह लोकतंत्र पर हमला है”
विजय केशरवानी ने कहा —
“भाजपा ने बेलतरा में कांग्रेस के मजबूत बूथों को निशाना बनाकर हजारों नाम मतदाता सूची से हटाए। यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है। मतगणना से पहले ही भाजपा ने मतदाता सूची में हेराफेरी कर परिणाम तय कर लिया था।”
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा की यह “सुनियोजित वोट चोरी की साजिश” सिर्फ बेलतरा तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में फैली हुई है।
राहुल गांधी के खुलासे के बाद मचा बवाल
विजय का कहना है कि राहुल गांधी द्वारा वोट चोरी के मुद्दे पर उठाए गए सवालों के बाद ही यह पूरा मामला प्रकाश में आया।
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि चुनाव आयोग की लापरवाही या राजनीतिक दबाव में ऑनलाइन नाम कटौती की प्रक्रिया का दुरुपयोग किया गया।
केशरवानी ने आरोप लगाया कि आयोग ने बिना भौतिक सत्यापन के ही मतदाताओं के नाम काटने की अनुमति दी थी।
SIR व्यवस्था पर विजय का हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विजय केशरवानी ने SIR (Systematic Identification & Removal) प्रणाली को भी चुनावी धांधली का ज़रिया बताया।
“बिहार में जिस तरह SIR का दुरुपयोग हुआ, वही पैटर्न अब छत्तीसगढ़ में अपनाया जा रहा है। अगर इसे नहीं रोका गया, तो आने वाले चुनावों में जनता के वोट मशीनों से पहले ही चोरी हो जाएंगे।”
“वोट चोर गद्दी छोड़ो” अभियान पूरे प्रदेश में
कांग्रेस ने बेलतरा से “वोट चोर गद्दी छोड़ो” हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की है।
केशरवानी ने कहा कि अब यह लड़ाई केवल एक सीट की नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई है।
कांग्रेस का अल्टीमेटम — “2023 की मतदाता सूची सार्वजनिक करो”
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मांग की है कि 2023 की मूल मतदाता सूची सार्वजनिक की जाए।
“जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, कांग्रेस का जन आंदोलन जारी रहेगा,”
विजय केशरवानी ने कहा।















